रचा आपराधिक षड्यंत्र
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की चार्जशीट में पुलिस ने वर्ष 2025 में गणना कर्मियों की नियुक्ति को आरोपियों के नेटवर्क की अगली कड़ी बताया है। पुलिस के मुताबिक, अनुकल्प मिश्रा ने एसबीआई और सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज से संपर्क कर अपनी, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय और अविनाश शुक्ला उर्फ शनि की गणना कर्मी के रूप में नियुक्ति कराई। पुलिस का आरोप है कि इन चारों ने पहले से गणना कार्य कर रहे रमाशंकर मिश्रा के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा।
चार्जशीट में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और गणना कक्ष प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव के सहयोग का भी दावा किया गया है। पुलिस ने मनीष कुमार यादव की नियुक्ति को भी इसी कड़ी से जोड़ा है। पुलिस के अनुसार, गणना कक्ष में दान-चढ़ावे की बड़ी रकम देखकर अनुकल्प को अधिक धनराशि निकालने के लिए अतिरिक्त साथियों की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद उसने टिन्नू से संपर्क किया और उसके भतीजे मनीष कुमार यादव को भी गणना कर्मी के रूप में नियुक्त कराने का आरोप है।
गणना और छंटाई के लिए नियुक्त किए गए थे आरोपी
चार्जशीट के मुताबिक, चढ़ावा प्रक्रिया से पहले से जुड़े टिन्नू, गणना कक्ष प्रभारी सुभाष, पुराने गणनाकर्मी रमाशंकर मिश्रा और वर्ष 2025 में नियुक्त अनुकल्प, लवकुश, करुणेश व अविनाश इस कड़ी में शामिल बताए गए हैं। बाद में मनीष की नियुक्ति को भी इसी नेटवर्क से जोड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी चढ़ावा धनराशि तक किसी बाहरी व्यक्ति के तौर पर नहीं पहुंचे थे। उन्हें गणना और छंटाई के काम के लिए विधिवत नियुक्त किया गया था। उनका दायित्व रकम को निर्धारित प्रक्रिया के तहत छांटना, गिनना और अधिकृत बैंक अथवा ट्रस्ट कर्मियों को सौंपना था। पुलिस का दावा है कि इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर आरोपियों ने चढ़ावे की रकम तक पहुंच बनाई।