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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: रिमांड में खुलने लगे राज, आरोपी के ठिकाने से फिर नकदी बरामद, घटनाक्रम का हुआ रीक्रिएशन

Wed, 15 Jul 2026 08:18 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपियों से लंबी पूछताछ की। एक आरोपी के ठिकाने से नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया, जबकि दूसरे से मंदिर में पूरी गणना प्रक्रिया का पुनर्निर्माण कराया गया। अब जांच एजेंसियों की नजर अन्य प्रमुख आरोपियों की रिमांड पर टिकी है।
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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चढ़ावा चोरी के आरोपियों रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव को बुधवार की सुबह कस्टडी रिमांड पर बाहर निकाला गया। लंबी पूछताछ के बाद पुलिस दोपहर बाद दोनों आरोपियों को अलग-अलग ठिकानों पर ले गई। इस बीच रमाशंकर के पास से नकदी बरामद हुई है। जबकि, राम मंदिर ले जाकर सुभाष श्रीवास्तव से गणना की प्रक्रिया दोहराई गई है।

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दोनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर बाहर निकाला

राम मंदिर की दान पेटिकाओं से चोरी के आरोपियों रमाशंकर मिश्रा और गणना प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की कस्टडी रिमांड को मंजूरी मिली थी। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी और एसओजी प्रभारी अमरेश त्रिपाठी बुधवार की सुबह लगभग 08:10 बजे जिला जेल पहुंचे और 15 मिनट की औपचारिकता पूरी करके उन्होंने दोनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर बाहर निकाला।

दोनों आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के बाद सीधे पुलिस लाइन परिसर लाया गया, जहां उनसे दोपहर तक लंबी पूछताछ की गई। दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर व अलग-अलग जगहों पर प्रश्न पूछे गए। उनके उत्तरों का आपस में मिलान कराया गया। रमाशंकर के पास कुछ और नकदी होने के सुराग मिलने पर दोपहर लगभग दो बजे उसे मीरापुर रामसखा बगिया स्थित उसके किराये के मकान पर ले जाया गया।

वहां पर उसके पिता को भी बुलाया गया और दोनों की मौजूदगी में पूरे घर की तलाशी ली गई। सूत्रों के अनुसार इस दौरान उसके कमरे से कुछ नकदी और एक बैग बरामद हुआ है। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर भी पुलिस ने जब्त किए हैं। हालांकि, पुलिस ने कितनी नकदी बरामद की है, इसकी तस्वीर स्पष्ट नहीं की है और विवेचना का विषय होने का हवाला देते हुए चुप्पी साध रखी है।

उधर, दोपहर करीब 02:30 बजे आरोपी सुभाष श्रीवास्तव को लेकर पुलिस राम मंदिर पहुंची। उसे सीधे गणना कक्ष ले जाया गया, जहां से गणना की प्रक्रिया दोहराई गई। जांच के दौरान उस रजिस्टर का भी सत्यापन कराया, जिसमें गणना कार्य में लगाए जाने वाले कर्मचारियों की ड्यूटी दर्ज होती थी। 

 

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कर्मचारियों की तैनाती कैसे होती थी

सुभाष से यह समझा गया कि कर्मचारियों की तैनाती कैसे होती थी, चढ़ावा किस क्रम में गिना जाता था, उसकी पैकिंग और जमा कराने की प्रक्रिया क्या थी और किस स्तर पर किसकी जिम्मेदारी रहती थी। करीब आधा घंटा तक अलग-अलग एंगल पर पुलिस ने पूछताछ करके कई साक्ष्य जुटाए।

सूत्रों के अनुसार इसके बाद सुभाष को शहर के अंजनीपुरम स्थित उसके आवास पर लाया गया, जहां घर की तलाशी ली गई लेकिन कोई नकदी व अन्य बरामदगी नहीं हुई। वहां से दोनों को पुलिस लाइन लाया गया। वहां फिर से लंबी पूछताछ के बाद रिमांड की अवधि पूरी होने पर जेल भेज दिया गया।

टिन्नू और मनीष की रिमांड पर टिकीं निगाहें

अब मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव की प्रस्तावित कस्टडी रिमांड पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इन दोनों से पूछताछ में चोरी की रकम के निवेश, संपत्तियों और पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम राज सामने आ सकते हैं। ऐसे में अब अगली कस्टडी रिमांड को इस बहुचर्चित मामले की जांच के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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