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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: लवकुश मिश्रा की पत्नी को एडीए से 7 दिन की मोहलत, दस्तावेज नहीं दिए तो होगी कार्रवाई

Wed, 15 Jul 2026 07:55 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

चढ़ावा चोरी प्रकरण से जुड़े आरोपी के निर्माणाधीन भवन को लेकर विकास प्राधिकरण ने दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए सात दिन का समय दिया है। भवन का स्वीकृत मानचित्र नहीं मिलने पर पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। निर्धारित अवधि में अभिलेख न देने पर सीलिंग सहित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन भवन को लेकर अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) की कार्रवाई फिलहाल जारी रहेगी। बुधवार को आरोपी की पत्नी सुप्रिया मिश्रा अपनी बेटी और पिता के साथ प्राधिकरण कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने निर्माणाधीन भवन से संबंधित अभिलेख पूरे करने के लिए एक माह का समय देने का अनुरोध किया, लेकिन प्राधिकरण ने उन्हें केवल सात दिन की मोहलत दी है।

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एडीए सचिव एवं विहित प्राधिकारी राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सुप्रिया मिश्रा को कुछ दिनों का समय दिया गया है। इस अवधि में भवन से संबंधित सभी आवश्यक एवं वैध अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। यदि निर्धारित समय के भीतर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।  प्राधिकरण के अनुसार, बनबीरपुर (सहादतगंज) में सुप्रिया मिश्रा के नाम करीब 1024 वर्गफुट क्षेत्रफल में जी+1 भवन का निर्माण कराया जा रहा है। जांच में भवन का मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं पाया गया।

 

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पहले जारी हो चुके हैं दो नोटिस

प्राधिकरण ने भवन को लेकर तीन जुलाई को पहला नोटिस जारी कर आवश्यक अभिलेख और स्वीकृत व शमन मानचित्र प्रस्तुत करने को कहा था। निर्धारित अवधि में नोटिस का विधिक जवाब और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर अंतिम नोटिस जारी किया गया। इसके बाद सुप्रिया मिश्रा स्वयं प्राधिकरण कार्यालय पहुंचीं और अतिरिक्त समय का अनुरोध किया।

सचिव राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पूर्व में डाक के माध्यम से एक प्रार्थना पत्र मिला था लेकिन वह एडीए उपाध्यक्ष और जिलाधिकारी को संबोधित था। उसमें न तो नोटिस का विधिक उत्तर दिया गया था और न ही आवश्यक अभिलेख संलग्न थे। इसलिए उसे नोटिस का जवाब नहीं माना गया था। अब व्यक्तिगत रूप से समय मांगे जाने पर थोड़ी मोहलत दी गई है।

 

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दस्तावेज नहीं दिए तो होगी कार्रवाई

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सात दिन के भीतर सभी आवश्यक अभिलेख, स्वीकृत अथवा शमन मानचित्र और अन्य पत्रावलियां प्रस्तुत करनी होंगी। ऐसा नहीं होने पर निर्माणाधीन भवन के विरुद्ध सीलिंग समेत अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कार्यालय से बाहर निकलते समय सुप्रिया मिश्रा ने मीडिया से बातचीत नहीं की और बिना कोई प्रतिक्रिया दिए वहां से चली गईं।
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