लंबे समय से तैनात कर्मियों से भी पूछताछ
सूत्र बताते हैं कि जांच टीम ने मंदिर परिसर में लंबे समय से तैनात सुरक्षा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मियों की सूची भी तलब की है। सुरक्षा से जुड़े एक कर्मी का नाम सामने आया है जो मंदिर में पिछले 17 वर्षों से तैनात है। इनकी भूमिका भी जांच के दायरे में है। टीम पुराने कर्मियों की तैनाती की अवधि, जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है।
डॉ. अनिल मिश्रा से दान गणना प्रक्रिया पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने शुक्रवार को भी राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से पूछताछ की। टीम ने उनसे दानराशि की गणना, आभूषणों के लेखा-जोखा और रकम को बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल पूछे। सूत्रों का दावा है कि जांच अधिकारियों ने यह भी जानना चाहा कि दानराशि की गणना के दौरान उनकी भूमिका क्या रहती थी और उस समय वे कहां मौजूद रहते थे।