डिलीट करने की बात साबित करना कठिन
ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी महिपाल सिंह ने आरोप लगाया था कि आठ महीने की फुटेज डिलीट की गई। ये फुटेज काफी पहले की हैं। ऐसे में उनका बैकअप उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह आरोप साबित करना बेहद कठिन होगा कि फुटेज डिलीट की गई थीं। हां, यह जरूर है कि यदि बीते डेढ़ महीने में इस तरह का हेरफेर किया गया है तो वह सामने आ सकता है। उसके साक्ष्य भी मिल रहे हैं।
बयान बनेंगे आधार
एसआईटी हर एक संदिग्ध, कर्मचारी और पदाधिकारी से अलग-अलग पूछताछ कर रही है, जिसमें तमाम तरह के विरोधाभास भी सामने आ रहे हैं। हालांकि जिन लोगों ने रकम पार की है, उनके बयान काफी अहम हैं। उसी से स्पष्ट होगा कि पूरा खेल कब से चल रहा था और कितनी रकम व सोना-चांदी आदि पार किया गया। इसका आकलन करने में समय लगेगा। इसलिए एसआईटी की जांच लंबी चल रही है।