रामनगरी अयोध्या स्थित राम मंदिर के खजाने और चढ़ावे में करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) 15 जून 2026 को अयोध्या पहुंची। टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से छह घंटे तक पूछताछ की और डिजिटल साक्ष्य खंगाले।
सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर सोमेश आनंद भी आया है। वह मंदिर निर्माण के मुख्य प्रभारी गोपाल राव का कथित भतीजा बताया जा रहा है। सोमेश ने एक साल में देश के विभिन्न राज्यों की 50 से अधिक संदिग्ध यात्राएं की हैं। वह अयोध्या रेलवे स्टेशन से बोरों में भारी सामान भरकर ट्रेन से दक्षिण भारत जाता था। वापसी में वह हवाई जहाज से खाली हाथ अयोध्या लौटता था। फिलहाल सोमेश के बैंक खातों और हवाई टिकटों की बारीकी से जांच की जा रही है।
इस मामले में केडी तिवारी का नाम भी सामने आया है। उनके पास रामलला के आभूषणों को संभालने की मुख्य प्रशासनिक जिम्मेदारी थी। सुरक्षा अधिकारियों ने उनके आवास पर भी छापेमारी की थी। केडी तिवारी द्वारा हाल ही में खरीदी गई डेढ़ करोड़ रुपये की जमीन का सौदा जांच के दायरे में है। उन्होंने मीडिया से कहा, "मेरी ड्यूटी महज श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए आभूषणों को तौलकर उन्हें रसीद देने तक सीमित थी, उसके बाद मैं उसे ट्रस्ट के वरिष्ठों को सौंप देता था; आगे गहनों के साथ क्या खेल होता था, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।