गबन के डेढ़ करोड़ बरामद होने की चर्चा
बुधवार को कथित तौर पर गबन हुई डेढ़ करोड़ की राशि के बरामद होने की बात सामने आई। संदिग्धों से पूछताछ, उनके बैंक डिटेल आदि की जांच का क्रम जारी होने की चर्चा भी जोरों पर रही है। गबन के मामले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। माना जा रहा है कि दान के पैसों की गिनती में लगे बैंक कर्मियों की भी जांच हो रही है। फिलहाल पूरे मामले में राम मंदिर ट्रस्ट ने चुप्पी साध रखी है।
माह के अंत में हो सकती है ट्रस्ट की बैठक
इस बीच, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र का हालिया अयोध्या दौरा भी चर्चाओं के केंद्र में है। 13 जून को निर्माण समिति की बैठक भी होगी। बैठक में शामिल होने के लिए नृपेंद्र मिश्र फिर अयोध्या पहुंचेंगे, माना जा रहा है कि इस बैठक में भी गबन के आरोपों पर चर्चा की जाएगी। इसी माह के अंत में हर तीसरे माह होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक भी संभावित है, जिसमें सभी ट्रस्टियों के जुटने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में कुछ अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।
पूर्व लेखा प्रभारी के दावों ने भी दी मामले को हवा
राम मंदिर में पूर्व लेखा प्रभारी रहे महिपाल सिंह के दावों ने भी पूरे मामले को हवा देने का काम किया है। शल मीडिया पर उनके बयानों का वीडियो वायरल हो रहा है। महिपाल सिंह का दावा है कि राम मंदिर की दान राशि में चोरी लंबे समय से होती आ रही है। नोटों की गड्डियों में हेराफेरी कर पैसे की चोरी की जाती थी। उन्होंने व्यवस्था से जुड़े कुछ वरिष्ठ लोगों के नाम भी लिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस मामले पर शिकायत करने पर उन्हें हटा दिया गया था।
बालयोगी बोले- चढ़ावा चोरी के आरोपों की हो निष्पक्ष जांच
सरयू तट स्थित करतलिया आश्रम के महंत बालयोगी रामदास ने भी राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के गबन से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में करोड़ों रुपये की अनियमितताओं की खबरें बेहद निंदनीय और चिंताजनक हैं।
स्थानीय अखबारों और सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आनी चाहिए। अगर आरोप झूठे हैं, तो भी स्थिति साफ करनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं के मन में जो भ्रम पैदा हुआ है, वह दूर हो सके।