राम मंदिर के सीईओ चयन मामले पर पूर्व आईपीएस राजेश पांडे ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को अलग अर्थ में प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कभी नहीं कहा कि जितेंद्र मिश्र इंटरव्यू में शामिल नहीं हुए। आगे पढ़ें पूरी खबर...
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन को लेकर उठे सवालों के बीच पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडे ने अपने बयान पर सफाई दी है। ट्रस्ट की ओर से चयन प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण जारी किए जाने के बाद राजेश पांडे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की। इसमें कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि नवनियुक्त सीईओ एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (रिटायर्ड) साक्षात्कार में शामिल नहीं हुए थे।
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राजेश पांडे ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह उनकी तरफ से स्पष्टीकरण है, क्योंकि राम मंदिर के सीईओ के चयन को लेकर मीडिया में भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक निजी चैनल के पॉडकास्ट के दौरान सीईओ चयन को लेकर दिए गए उनके बयान को अलग अर्थ में प्रस्तुत किया जा रहा है।
दरअसल, पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने राजेश पांडे के कथित पॉडकास्ट बयान का हवाला देते हुए ट्रस्ट को पत्र लिखा था। इसमें सीईओ चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद से यह मामला तूल पकड़ रहा था। अब इस पर ट्रस्ट और राजेश पांडे ने सफाई दी है।