अयोध्या। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) में रविवार को अभ्यर्थियों की सामान्य ज्ञान, विषयों पर पकड़ और तार्किक क्षमता परखी गई। प्रश्नपत्र में संविधान, इतिहास और समसामयिक घटनाओं से जुड़े सवालों के साथ हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान और रीजनिंग के प्रश्न पूछे गए। कहीं संविधान से जुड़े सवालों ने तैयारी परखी तो कहीं कूट भाषा और पारिवारिक संबंधों से जुड़े प्रश्नों में तार्किक क्षमता की परीक्षा हुई।
जिले में 28 केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा हुई। पहली पाली में 12,552 अभ्यर्थियों के सापेक्ष 9,569 उपस्थित रहे। 2,983 ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली में 12,552 के सापेक्ष 9,544 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। 3,008 अनुपस्थित रहे। दोनों पालियों में कुल 19,113 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। 5,991 अनुपस्थित रहे। केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया।
प्रश्नपत्र में राष्ट्रीय ध्वज के अभिकल्पक, लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष, राज्यसभा के पदेन सभापति और भारतीय संविधान से जुड़े सवाल पूछे गए। अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखाओं, इतिहास और भूगोल से संबंधित प्रश्न भी शामिल रहे। समसामयिक घटनाओं में पद्म पुरस्कार, अंतरिक्ष क्षेत्र के स्पेडेक मिशन, रामसर स्थलों के संरक्षण और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवाल पूछे गए।
हिंदी में विलोम शब्द, संधि-विच्छेद, मुहावरे और अशुद्ध वर्तनी से संबंधित प्रश्न रहे। अंग्रेजी में व्याकरण, मोडल वर्ब, विलोम शब्द और गद्यांश आधारित सवाल पूछे गए। वहीं, रीजनिंग में कूट भाषा, पारिवारिक संबंध, बैठने की व्यवस्था और कैलेंडर से जुड़े प्रश्नों ने अभ्यर्थियों की तार्किक क्षमता परखी।
करंट अफेयर्स में उलझे अभ्यर्थी
अंबेडकरनगर की निशा गौतम ने बताया कि पेपर का स्तर सामान्य रहा। सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स के कुछ सवालों में उलझन हुई, जबकि हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान लगे। सिद्धार्थनगर के अजय कुमार के अनुसार, रीजनिंग में कूट भाषा और पारिवारिक संबंधों से जुड़े सवाल ठीक रहे। विज्ञान के कुछ प्रश्नों को हल करने में समय लगा। कुल मिलाकर पेपर संतुलित था। सिद्धार्थनगर के अमन कुमार ने बताया कि सामान्य ज्ञान में संविधान, इतिहास और समसामयिक घटनाओं से जुड़े सवाल पूछे गए। प्रश्न तैयारी के अनुरूप थे, लेकिन कुछ को हल करने में अधिक समय लगा। डुमरियागंज के पंकज ने बताया कि हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्न आसान थे। रीजनिंग में बैठने की व्यवस्था और कैलेंडर से जुड़े सवालों में थोड़ा दिमाग लगाना पड़ा। परीक्षा में समय प्रबंधन महत्वपूर्ण रहा।