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Ayodhya News: अवध विश्वविद्यालय में 11 नए कोर्स शुरू करने के प्रस्ताव पर सवाल

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अयोध्या। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में 11 नए कोर्स शुरू करने के प्रस्ताव पर सवाल उठने लगे हैं। इसकी वजह कम छात्र संख्या और संसाधनों के अभाव चलते पिछले साल 30 से अधिक कोर्स को बंद कर दिए जाने के निर्णय को बताया जा रहा है। आने वाले समय में इन नए कोर्स के साथ भी ऐसा ही होने की आशंका जताई जा रही है।
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कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह की पहल पर विश्वविद्यालय में सत्र 2026-27 से 11 नए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। इनमें एम फार्म, एमएमससी रसायन, एमएससी प्राणि विज्ञान, एमएससी वनस्पति विज्ञान, इंटीग्रेटेड एम टेक, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंस्ट्रूमेंट इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग, इंटीग्रेटेड एमसीए और एम कॉम शामिल हैं। इन सभी कोर्स को नए सत्र से शुरू किए जाने पर विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की ओर से अनुमोदन भी किया जा चुका है।
विश्वविद्यालय में इस समय नैक मूल्यांकन में ए प्लस प्लस ग्रेड हासिल करने के लिए युद्ध स्तर पर कवायद चल रही है। सीधे राज भवन से इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। इसी के साथ नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में बेहतर रैंकिंग हासिल करने के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए काम चल रहा है। नए कोर्स को शुरू करने को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
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सभी 11 नए कोर्स स्ववित्त पोषित होंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय को संसाधनों का प्रबंध करना होगा। भवन के साथ लैब की आवश्यकता पड़ेगी। सभी कोर्स के लिए संविदा शिक्षकों की नियुक्ति करनी होगी। इसके बाद तीन साल तक नए कोर्स की समीक्षा की जाएगी। ठीक उसी तरह, जिस प्रक्रिया को पूरी करने के बाद पिछले साल विश्वविद्यालय प्रशासन ने कम छात्र संख्या होने का हवाला देते हुए 30 से अधिक कोर्स बंद कर दिए थे।
स्ववित्त पोषित होने के चलते ज्यादा होगी फीस
एमएमससी रसायन, एमएससी प्राणि विज्ञान और एमएससी वनस्पति विज्ञान कोर विषय हैं। इससे बेसिक साइंस मजबूत होगी लेकिन स्ववित्त पोषित होने के चलते इन तीनों कोर्स की फीस ज्यादा होगी। जबकि अनुदानित कॉलेजों में इन तीनों कोर्स की पढ़ाई किफायती है। ऐसे में विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने की अपेक्षा कॉलेज की तरफ छात्र-छात्राओं का रूझान ज्यादा होगा। उदाहरण के तौर पर बीएससी में विश्वविद्यालय की एक साल की फीस करीब 28 हजार है, वहीं साकेत कॉलेज में सिर्फ तीन हजार रुपये है।
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