अयोध्या। रामलला के प्रति देश-विदेश के भक्त विभिन्न माध्यमों से श्रद्धा अर्पित करते हैं। इसी के चलते हर माह राममंदिर में करीब एक करोड़ का दान आ रहा है। साथ ही बड़ी मात्रा में सोना-चांदी भी भक्तों की ओर से रामलला को चढ़ाया जाता है। दान में मिले सोना-चांदी की गुणवत्ता परखने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए राममंदिर ट्रस्ट ने भारत सरकार की संस्था मिंट से करार किया है। हैदराबाद के टकसाल में सोना-चांदी की गुणवत्ता परखने का काम शुरू हुआ है।
रामलला को अब तक 35 अरब से अधिक का दान प्राप्त हुआ है। साथ ही 20 किलो सोना व 13 क्विंटल चांदी भी भक्तों ने अर्पित की है। ट्रस्ट के सामने इन्हें रखने की चुनौती है। फिलहाल स्टेट बैंक के लॉकर में इन्हें जमा कराया गया है। दान में मिले इन धातुओं की गुणवत्ता की जांच भी ट्रस्ट ने शुरू करा दी है। मिंट की ओर से इसकी जांच हैदराबाद के टकसाल में की जा रही है। ट्रस्ट के दो कर्मी हैदराबाद भेजे गए हैं। इनकी निगरानी में इन धातुओं की गुणवत्ता परखी जा रही है, इन्हें गलाया जा रहा है। पहले चरण में ट्रस्ट ने 9़ 44 क्विंटल चांदी जांच के लिए मिंट को सौपी है। इसके बाद बचे धातुओं की भी जांच कराई जाएगी।
राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि भक्तों की ओर से बड़ी मात्रा में सोना-चांदी भेंट किया जाता है। उनकी गुणवत्ता की जांच कराना आवश्यक है, इसलिए भारत सरकार की प्रतिष्ठित संस्था जो धातुओं की गुणवत्ता परखने का काम करती है, उसे यह काम सौंपा गया है।