04- मड़ना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज करता फार्मासिट - संवाद
पूराबाजार। जन आरोग्य मेला योजना की हकीकत मड़ना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर देखने को मिली। जहां पूरा आयोजन फार्मासिस्ट प्रदीप शर्मा के सहारे ही संचालित होता दिखा। मौके पर पहुंचने पर डॉक्टर संघा प्रिय गौतम की कुर्सी खाली मिली, जबकि पीएचसी पर केवल फार्मासिस्ट प्रदीप शर्मा, एएनएम सुशीला और स्वीपर सुजीत ही उपस्थित मिले। सात कर्मचारियों की नियुक्ति होने के बावजूद केवल तीन ही कर्मचारी मौके पर ड्यूटी पर थे। मौजूद मरीजों में पूजा (25), रीमा (30), साक्षी (3), सोनू (5) सहित कई रोगी बुखार, खांसी, जुकाम आदि से पीड़ित मिले। जिनका उपचार फार्मासिस्ट ही कर रहे थे। डॉक्टर के बारे में पूछे जाने पर कर्मचारियों ने कुछ भी बताने से असमर्थता जताई। इस संबंध में जब सीएचसी अधीक्षक पूरा डॉक्टर सुनील चौधरी से बात करना चाहा तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शाहगंज में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। फार्मासिस्ट राम वर्मा ने बताया कि मेले में 32 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान डॉ. अजय गुप्ता और लैब टेक्नीशियन राकेश कुमार वर्मा , एएनएम रूपा दीक्षित ने मरीजों की जांच की। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरायधनेठी पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में क्षेत्र के 90 लोगों ने पंजीकरण कराया। इनमे लोग सर्दी,जुखाम, खांसी, बुखार, शुगर व त्वचा रोग से पीड़ित थे। डॉक्टर जीपी मौर्य ने मेले में आए सभी मरीजों का परीक्षण व उपचार किया। मेले में आए लोगों का कहना था कि आरोग्य मेला सिर्फ नाम का रह गया है। कोई अलग से व्यवस्था नही की जाती है। आरोग्य मेले में डॉ. जीपी मौर्य ,फार्मासिस्ट गंगोत्री प्रसाद, एलटी ज्ञान प्रकाश, स्वीपर मयाराम, एएनएम रामेश्वरी देवी मौजूद रहीं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौरे बाजार और कोछा में रोज की तरह स्वास्थ्य कर्मी ओपीडी में बैठकर मरीज का इंतजार करते रहे। दोपहर 12 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौरे बाजार में प्रभारी चिकित्साधिकारी मोहम्मद इरशाद अनुपस्थित रहे। फार्मासिस्ट कनिक राम चौधरी और स्टाफ नर्स प्रतिभा ने 11 मरीजों का रजिस्ट्रेशन करके उपचार किया। लैब तकनीशियन और वार्ड बाय भी नहीं मिले। अधिकतर मरीज मौसमी जुकाम, बुखार की बीमारी से पीड़ित थे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोछा मे भी मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। यहां महिला चिकित्सक अंजली गुप्ता, फार्मासिस्ट और सहयोगी स्टॉफ ने 14 मरीजों को चिकित्सीय सलाह देने के साथ दवा दी। दोनों अस्पतालों में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले जैसी कोई व्यवस्था नहीं दिखाई दी।