अयोध्या। जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन और तिलहन की खरीद कराना खाद्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। अप्रैल के पहले दिन से खरीद शुरू करने के आदेश की प्राइवेट क्रय एजेंसियां अभी तक अनदेखी कर रही हैं। इसके चलते अप्रैल का आधा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक एक भी क्रय केंद्र खोले नहीं जा सके हैं। ऐसे में किसान अपनी सरसों की फसल को समर्थन मूल्य से 1150 रुपये कम रेट पर खुले बाजार में बेचने को मजबूर हैं।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन और तिलहन की खरीद करने के लिए क्रय एजेंसी पीसीएफ, पीसीयू, जूट संघ व राज्य कृषि उत्पादन मंडी समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक क्रय केंद्र न खुलने के चलते सरसों और मसूर की फसल 50 फीसदी से अधिक खुले बाजार में औने-पौने दामों पर बिक चुकी है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि कई बार लिखित और मौखिक रूप से कहने के बाद भी एक भी क्रय केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव नहीं भेजा गया है।
खाद्य विभाग के पोर्टल पर नहीं दर्ज है सरसों का ऑनलाइन खसरा
अयोध्या। दलहन और तिलहन की खरीद करने के लिए इस बात का भी पेच फस रहा है कि खाद्य विभाग के पोर्टल पर धान और गेहूं का ऑनलाइन खसरा पहले ही दर्ज किया जा चुका है। सरसों और मसूर जैसी दलहन व तिलहन की फसलों का ऑनलाइन खसरा मौजूद न होने के कारण किसान खाद्य विभाग के पोर्टल पर इसका पंजीकरण नहीं कर पाएंगे। न ही उसका सत्यापन संभव हो पाएगा। इसके चलते केंद्र प्रभारी की ओर से दलहन और तिलहन की ऑनलाइन खरीद भी नहीं हो सकेगी। सरसों और मसूर की खरीद के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर भी सॉफ्टवेयर में बदलाव करना होगा। इसके बाद ही पंजीकरण और फिर सत्यापन के साथ उसकी खरीद संभव हो सकेगी।