रुदौली। विदेश भेजने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रकम लेने के छह माह बाद भी उन्हें विदेश नहीं भेजा गया और न ही पैसे वापस किए गए। पीड़ितों ने बाराबंकी के इशद नगर निवासी रामकुमार पर फर्जी वीजा देने का भी आरोप लगाया है। पीड़ितों के मुताबिक, उन्हें दिए गए वीजा पर बार कोड नहीं है। इससे वीजा की वैधता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि रामकुमार ने रुदौली के रसूलाबाद निवासी रफीक के माध्यम से वीजा मंगवाने की बात कही थी। रामकुमार के अनुसार, उसने पांच लोगों के वीजा के लिए रफीक को करीब चार लाख रुपये दिए थे।
पीड़ितों का आरोप है कि रामकुमार ने प्रदीप से एक लाख 45 हजार रुपये, देशराज से एक लाख सात हजार रुपये और रक्षाराम से 90 हजार रुपये लिए। इसके अलावा सुमित समेत अन्य लोगों से भी रकम लेने का आरोप है।
पीड़ित प्रदीप और देशराज ने बताया कि उन्हें दिए गए वीजा पर बार कोड नहीं है। उनका आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी लगातार टालमटोल कर रहा है और न तो उन्हें विदेश भेजा गया और न ही रकम वापस की गई। पीड़ितों ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली प्रभारी संजय मौर्य ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।