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नैक के मानक के अनुरूप तैयार करें प्रमाणित डाटा : राज्यपाल

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अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में बैठक करतीं राज्यपाल - फोटो : अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में बैठक करतीं राज्यपाल
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अयोध्या। प्रदेश की राज्यपाल व राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि नैक मूल्यांकन के लिए सभी मानदंडों के लिए तय मानक के अनुरूप प्रमाणित डेटा तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक रिसर्च प्रोजेक्ट पर अधिक फोकस करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही शोध परियोजनाओं पर काम करें।
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कुलाधिपति बृहस्पतिवार को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में नैक मूल्यांकन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में बोल रही थीं। सुबह 10 बजे शुरू हुई मैराथन बैठक शाम 6:30 बजे तक चली, बीच में सिर्फ 20 मिनट के लिए लंच ब्रेक हुआ। इस दौरान मानदंड (एट्रीब्यूट) एक से लेकर 11 तक के नैक मूल्यांकन की तैयारी से जुड़े सभी बिंदुओं का पावर पॉइंट्स प्रेजेंटेशन के माध्यम से मानकों के अटैचमेंट को कुलाधिपति ने परखा।

मानदंड एक के तहत पीओएस, सीओ व पीएसओ के साथ एकेडमिक काउंसिल, फीडबैक तंत्र, स्पोर्ट्स प्रबंधन, भारतीय भाषा लर्निंग एंड टीचिंग, सीबीसीएस एनईपी एलाइनमेंट पर प्रस्तुति दी गई। मानदंड दो में सेमिनार के साथ लैब कार्य, शोध, अयोध्या की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, एसाइनमेंट और मानदंड तीन व चार के तहत वित्तीय प्रावधान और खेल गतिविधियों से जुड़े बिंदुओं पर प्रस्तुति दी गई।
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मानदंड पांच के तहत कोलैबोरेटिव लर्निंग, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, पियर्स एसाइनमेंट, एग्जामिनेशन रिपोर्ट डे, एकेडमिक ग्रीवेंस सेल, चैलेंज इवेल्यूएशन के साथ मानदंड छह व सात में स्टूडेंट्स काउंसलिंग, स्पोर्ट्स क्लब, कल्चरल क्लब व सोशल क्लब के गठन के प्रगति की जानकारी दी गई। ग्रीवेंस हैंडलिंग व ई गवर्नेंस के कुछ बिंदुओं में सुधार के निर्देश दिए। प्रो. नीलम पाठक की ओर से मानंदड आठ के लिए दिए गए प्रेजेंटेशन में स्टूडेंट्स डिमांड रेशियो, सीट उपलब्धता, छात्र प्रवेश प्रतिशत के स्तर के साथ प्लेसमेंट व उत्तीर्ण छात्रों के प्रतिशत के डेटा का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया।

मानदंड नौ में कुलाधिपति ने शिक्षकों को शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। शोध प्रकाशन, शोध के स्तर, पीएचडी अवार्ड, रिसर्च फेलोशिप, कंसल्टेंसी ट्रेनिंग, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) शोध गतिविधियों का परीक्षण किया। मानदंड 10 और 11 के विभिन्न मानदंडों को परखते हुए आवश्यक परिवर्तन के निर्देश दिए। इस दौरान कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह, विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर एम बोबडे व डॉ. पंकज एल जानी, कुलसचिव विनय सिंह, वित्त अधिकारी पूर्णेंदु शुक्ल, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. एसएस मिश्र, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक, प्रो. सीके मिश्र, प्रो. फर्रुख जमाल, प्रो. अनूप कुमार, प्रो. शैलेंद्र वर्मा, प्रो. शैलेंद्र कुमार, प्रो. सुरेंद्र मिश्र, डॉ. विनोद चौधरी व प्रोग्रामर रवि मालवीय मौजूद रहे।




कार्यदायी संस्थाएं तय समय सीमा में पूरा करें काम

कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय परिसर में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर जिला प्रशासन व कार्यदायी संस्थाओं के साथ कौटिल्य प्रशासनिक भवन सभागार में बैठक की। कार्यदायी संस्था में प्रमुख रूप से यूपीपीसीएल, सीएनडीएस, जल निगम व आरईएस के अधिकारियों के साथ कार्य प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान तय समय सीमा में काम को पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में डीएम निखिल टीकाराम फुंडे, सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह, नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के साथ कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।
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