अयोध्या। प्रतिष्ठा द्वादशी इस बार और भव्य स्वरूप में मनाई जाएगी। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनाता है। प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ 31 दिसंबर को मनाई जाएगी। इसके लिए तीन दिवसीय उत्सव की तैयारी शुरू हो गई है।
उत्सव के कार्यक्रमों को 13 दिसंबर को होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में अंतिम मंजूरी दी जाएगी। भक्तों की बढ़ती संख्या और राम मंदिर परिसर में सुविधाओं के विस्तार को देखते हुए उत्सव को बड़े पैमाने पर आयोजित करने की तैयारी है। ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान, विशेष पूजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दिव्य अलंकरण मुख्य आकर्षण रहेंगे।
उत्सव को भव्यता देने के लिए निर्माण कार्यों की प्रगति और व्यवस्थाओं का खाका भी इन्हीं तैयारियों से जुड़ा है। इसी क्रम में 11 और 12 दिसंबर को निर्माण समिति की समीक्षा बैठक का आयोजन होगा, जिसमें गर्भगृह, परिक्रमा पथ, उप मंदिरों और आगंतुक सुविधाओं से जुड़े कार्यों की गति को परखा जाएगा। आवश्यक परिवर्तनों और अतिरिक्त व्यवस्थाओं पर निर्णय लिया जाएगा।
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक हर तीसरे माह होती है। इसी क्रम में 13 दिसंबर को मणिराम दास छावनी में बैठक होगी। बैठक में ट्रस्ट के सभी सदस्य मौजूद रहेंगे। इस दौरान मंदिर में निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए आय-व्यय का ब्योरा प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही 30, 31 दिसंबर व एक जनवरी को होने वाले प्रतिष्ठा द्वादशी के उत्सव की रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया जाएगा।
धार्मिक आस्था व सांस्कृतिक गौरव का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व
ट्रस्ट अधिकारियों ने बताया कि प्रतिष्ठा द्वादशी अयोध्या के लिए धार्मिक आस्था व सांस्कृतिक गौरव का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। इस बार उत्सव को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दोनों आयामों में विस्तार देने की तैयारी है, ताकि करोड़ों श्रद्धालु आयोजन के महत्व का अनुभव कर सकें। जिला प्रशासन भी उत्सव के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और सेवाओं को सुचारु रखने के लिए विशेष योजना तैयार कर रहा है।