अयोध्या। गणपति बप्पा मोरया मंगलमूर्ति मोरया...देवा ओ देवा गणपति देवा...जैसे भजनों की गूंज शनिवार को पूरे दिन रही। श्रद्धालुओं ने घरों से लेकर पंडालों तक में गणपति बप्पा की स्थापना विधि-विधान से की। राम मंदिर में पहली बार गणेश चतुर्थी पर अनुष्ठान शुरू हुआ। राम मंदिर के परकोटे में विराजमान गणेश मंदिर में भगवान की पूजा-अर्चना की गई। शहर में 115 पूजा पंडालों में गणेश की मूर्ति स्थापित करने की तैयारी है। पहले दिन 60 स्थानों पर पूजन प्रारंभ कर दिया गया है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 80 स्थानों पर पूजन प्रारंभ हुआ है। केंद्रीय समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने बताया कि नगर के शेष स्थानों सहित और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलकर पूरे जिले में लगभग 300 स्थानों पर आगामी दो से पांच सितंबर तक पूजा प्रारंभ हो जाएगी और 6 सितंबर को इन सभी मूर्तियों का विसर्जन परंपरागत स्थानों पर किया जाएगा। रामनगरी के गणेश कुंड पर भी विधिविधान पूर्वक पूजन-अर्चन किया गया। टेढ़ीबाजार मोहल्ले में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित कर पूजा-अर्चना प्रारंभ की गई है। जायसवाल मंदिर के महंत श्याम सुंदर दास ने बताया कि छह सितंबर को मूर्ति विसर्जन होगा। रामनगर कालोनी स्थित वलेशाह भवन में गणपति को विराजित कर पूजा-अर्चना का क्रम शुरू कर दिया गया है। ओम प्रकाश ओमी, दीपक वलेशाह, मयंक राशि, अंकुश, प्रतीक, प्रिया ने गणपति के आगमन पर पुष्पवर्षा की।