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UP News: पुलिस ने खंगाले आतंकी अब्दुल और परिजनों के बैंक खाते... मिले इतने रुपये, कब्जे में घरवालों के मोबाइल

Fri, 07 Mar 2025 07:48 AM IST
भूपेन्द्र सिंह सतीश पाठक, अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

पुलिस को जांच के दौरान संदिग्ध आतंकी के बैंक खाते में सिर्फ सात रुपये मिले हैं। वहीं मां के पास से 1.60 लाख रुपये मिले हैं। अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद रिश्तेदारों एवं उसके परिचितों पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर है। 
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आतंकी अब्दुल रहमान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के अयोध्या निवासी आतंकी अब्दुल रहमान एवं उसके परिजनों के तीन बैंक खातों को पुलिस ने खंगाला। इनमें 1.82 लाख रुपये जमा हैं। उसके पास अचल संपत्तियां नाममात्र हैं। हालांकि अभी पुलिस व अन्य एजेंसियां उसके अन्य परिचितों व रिश्तेदारों की छानबीन कर रही हैं। इसे एसटीएफ ने हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। 

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पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान रामनगरी के इनायतनगर थाना क्षेत्र के मजनाई गांव का रहने वाला है। इसकी गिरफ्तारी के बाद अयोध्या पुलिस छानबीन करते हुए इनपुट तलाश रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने अब्दुल रहमान, उसके पिता अबू बकर और उसकी मां यासमीन के बैंक खाते खंगाले हैं। इनमें अब्दुल के खाते में लगभग सात हजार व पिता के खाते में लगभग 15 हजार रुपये मिले हैं। जबकि उसकी मां के खाते में 1.60 लाख रुपये हैं।

संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि अबू बकर के पास पैतृक लगभग 15 बिस्वा जमीन है, जिनमें पांच भाइयों का हिस्सा है। ई रिक्शा काफी समय से खड़ा है। चिकन शॉप ही इन दिनों सार्वजनिक तौर से आय का मुख्य स्रोत रहा है। हालांकि, पुलिस अभी इसे अंतिम नहीं मान रही है। जांच जारी होने का दावा किया जा रहा है। साथ ही जांच एजेंसियों व उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा हो रही है।
 

सीओ मिल्कीपुर श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर अब तक कोई खास जानकारियां नहीं मिली हैं। जांच एजेंसियों ने भी कोई जानकारी साझा नहीं की है। टीम के पहुंचने पर निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा।
 

अब्दुल का दादा का रहा है जमात से जुड़ाव

पुलिस सूत्रों के अनुसार अब्दुल रहमान के दादा का भी जमात से जुड़ाव रहा है। उनकी सक्रियता कम होने के बाद अबू बकर जमात का सदस्य रहा है। हालांकि, 10-12 साल पहले उनकी सक्रियता कम हो गई। कुछ समय पहले जमात से जुड़े लोग उनके घर भी आए और अब्दुल को सक्रिय किया। 

इसके बाद पहली बार वह दिल्ली स्थित निजामुद्दीन मरकज गया था। अबू बकर ने 20 हजार रुपयों का इंतजाम करके उसे पहली बार वहां भेजा था। इसके बाद वह विशाखापत्तनम गया और वहां से वापस दिल्ली गया। एक मार्च को वह फिर अयोध्या से दिल्ली गया था।
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कब्जे में लिए गए परिजनों के फोन

अब्दुल रहमान के पास एसटीएफ को दो मोबाइल फोन मिले हैं। उसके पास एक अन्य फोन होने का दावा किया जा रहा है। वह पिता व घर के अन्य सदस्यों के फोन का उपयोग करता था। इसलिए उसके पिता व परिवार का एक अन्य मोबाइल फोन भी पुलिस ने कब्जे में लिया है। हालांकि अभी इससे कुछ खास सुराग न मिलने का दावा किया जा रहा है।
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