अयोध्या। कक्षा 10 की छात्रा से स्कूल जाते समय छेड़छाड़ करने व वीडियो बनाकर गांव में दिखाने के मामले में आरोपी अभिषेक शर्मा को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट द्वितीय की अदालत से पारित हुआ है। पीड़िता की ओर से थाना कैंट में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार 11 फरवरी 2019 को वह स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। तभी थाना कैंट के गोपालपुर गांव निवासी अभिषेक शर्मा पुत्र सतरोहन आया। पीड़िता के पेट में हाथ मारकर कहा कि बात नहीं करोगी तो तेजाब डाल कर जला देगा। आए दिन अभिषेक उसकी फोटो खींचकर गांव वालो को दिखाया करता है। स्कूल आते जाते समय छेड़खानी ,जान से मारने की धमकी व गालियां देता रहता था। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया।
न्यायालय में पीड़िता ने बयान दर्ज कराया कि 11 फरवरी को उसके साथ कोई घटना नहीं हुई थी। वह स्कूल भी नहीं गई थी। पुलिस ने डरा धमका कर मजिस्ट्रेट के सामने झूठा बयान दर्ज कराया था। पीड़िता ने बयान दिया कि घटना के समय वह बालिग थी। अभियोजन पक्ष से चार गवाह परीक्षित कराए गए लेकिन घटना साबित नहीं हो पाई। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद तथ्यों के आधार पर आरोपी अभिषेक शर्मा को सभी आरोपों से दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।