अयोध्या। कैंट थाना क्षेत्र के बनबीरपुर में थार से कुचलने से पहले लोग सड़क पर लाठी ताने खड़े थे। आरोपी के थार से पहुंचने के मात्र 30 सेकेंड पहले मृतक व उनके साथी बाइक से पहुंचे थे। वारदात से पहले की घटना सीसीटीवी में कैद हुई है, जिसकी फुटेज अमर उजाला के हाथ लगी है। बनबीरपुर में थार से कुचलने से दो युवकों की मौत के मामले में एक बड़ी साजिश की बू आ रही है। वारदात के समय की लगभग डेढ़ मिनट की सीसीटीवी फुटेज देखने से यह संकेत मिल रहे हैं। इसमें 10:35:05 सेकेंड पर एक तेज रफ्तार सफेद रंग की कार आती है। इसके 25 सेकेंड बाद एक स्कूटी व एक बाइक पर सवार होकर दो-दो लोग पहुंचते हैं और सड़क पर ही खड़े हो जाते हैं।
लगभग 10 सेकेंड बाद थार की रोशनी दिखती है। इसे देख लड़खड़ाते हुए एक युवक लाठी लेकर सामने की ओर तानता है। थोड़ी देर तक थार रुकी रहती है, लेकिन अचानक से तेज रफ्तार के साथ आगे बढ़ती है। बीचोबीच खड़ा युवक इसकी चपेट में आता दिखाई देता है। वहीं, दूसरा युवक सड़क के किनारे खड़े हुए साफ बच जाता है।
इस फुटेज को देखकर कई सवाल जेहन में उठना लाजिमी है। जैसे कि आरोपी के आने के 30 सेकेंड पहले आने वाली तेज रफ्तार कार किसकी थी? आरोपी थार से आ रहा था तो उसकी सटीक सूचना बाइक व स्कूटी सवार लोगों को पहले से ही कैसे मिली? जब मृतक की आरोपी से सीधे तौर से दुश्मनी सामने नहीं आई है तो वह लोग आरोपी पर लाठी क्यों ताने रहे? तेज रफ्तार थार ले जाने के बाद आरोपी अपने घर तक थार से क्यों नहीं गया और रास्ते में ही थार क्यों खड़ी कर दी? कहीं कोई मृतक व उनके साथियों को मोहरा बनाकर आरोपी से अपनी दुश्मनी तो नहीं साध रहा था? हालांकि इन सवालों के जवाब पुलिस नहीं दे पा रही है।
सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि घटना में किसी अन्य की साजिश से इंकार नहीं किया जा सकता है। मृतकों, उनके साथ के लोगों, परिजनों व कुछ ग्रामीणों के सीडीआर खंगाले जा रहे हैं। शीघ्र ही साजिशकर्ता का नाम भी सामने आएगा।