अयोध्या। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य अधर में लटक गया है। निर्धारित समयसीमा मार्च में काम पूरा होना था, लेकिन दो माह बीत जाने के बावजूद अब तक केवल 70 फीसदी कार्य ही संपन्न हो सका है। निर्माण कार्य की धीमी गति और अधिग्रहण संबंधी विवाद के चलते न केवल स्थानीय लोगों बल्कि श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रामघाट चौराहा से कारसेवकपुरम तक का लगभग 300 मीटर का एरिया सबसे अधिक प्रभावित है। इस मार्ग पर निर्माण सामग्री डालकर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। एक माह से अधिक का समय बीतने के बावजूद सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। यह मार्ग अयोध्या का प्रमुख प्रवेश द्वार है, जहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन गुजरते हैं। गिट्टी के कारण न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि श्रद्धालु चोटिल भी हो रहे हैं। साथ ही निर्माण के चलते अक्सर जाम की स्थिति भी बनी रहती है।
स्थानीय पार्षद अंकित त्रिपाठी ने बताया कि निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। तीन सौ मीटर मार्ग पर केवल गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है, सीवर व डक्ट के लिए खोदे गए गड्ढों को भी नहीं भरा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण के दौरान पानी का छिड़काव भी नहीं हो रहा है, जिससे उड़ती धूल घरों के अंदर तक पहुंच रही है।
अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसबी सिंह ने बताया कि पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण में मणिरामदास की छावनी से जुड़े गंगा भवन और रामायणम आश्रम का आंशिक हिस्सा आ रहा है। प्रशासन की टीम इनसे संवाद कर रही है। वहीं एक भवन स्वामी ने कोर्ट में केस दायर किया है, जिससे अधिग्रहण की प्रक्रिया में विलंब हो रहा है। जल्द समाधान कर कार्य को पूरा किया जाएगा।