यज्ञ में शामिल होने पहुंचे श्रद्धालु।
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की यज्ञशाला में रविवार को भाद्रपद शुक्ल द्वितीया से नित्य पंचायतन यज्ञ का शुभारंभ हो गया। अनवरत चलने वाले इस यज्ञ में प्रतिदिन अलग-अलग यजमान शामिल होंगे। पहले दिन ट्रस्ट के निर्माण अभियंता जगदीश आफले ने अपनी पत्नी के साथ यजमान के रूप में पूजा-अर्चना की।
यज्ञ सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक चला। राम मंदिर में धार्मिक आयोजनों के व्यवस्था प्रमुख आचार्य इंद्रदेव मिश्र ने बताया कि पंचायतन यज्ञ में भगवान विष्णु सहित पांच देवताओं-प्रथम पूज्य श्रीगणेश, सूर्य, भगवान शिव व मां शक्ति-की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। सभी देवताओं के नाम से आहुतियां डाली गईं।
उन्होंने बताया कि पंच का अर्थ पांच और आयतन का अर्थ निवास स्थान या वेदी होता है।
पांच देवताओं को समान स्तर पर मानकर एक ही वेदी या सिंहासन पर स्थापित करने की विधि को पंचायतन कहा जाता है। इसमें उपासक अपने मुख्य इष्ट देव को मध्य में स्थापित करता है, जबकि अन्य चार देवताओं को चारों दिशाओं में रखा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि शिव इष्ट देव हैं तो उन्हें मध्य में स्थापित किया जाता है और यदि विष्णु इष्ट हैं तो भगवान विष्णु मध्य में विराजमान होते हैं। आचार्य इंद्रदेव मिश्र ने बताया कि यज्ञ को संपन्न कराने के लिए आचार्यों व बटुकों की टीम बनी है। (संवाद)
ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य डॉ. निर्मला यादव ने रामलला के दरबार में लगाई हाजिरी :
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य डॉ. निर्मला यादव रविवार को अयोध्या पहुंचीं। ट्रस्ट की सदस्य नियुक्त होने के बाद यह उनका पहला अयोध्या दौरा है। अयोध्या पहुंचने पर उन्होंने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई और दर्शन-पूजन किया। कई अन्य मंदिरों में भी पूजन किया। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से भी उनके आश्रम में मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच मंदिर और ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। वह ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य हैं। (संवाद)