रामनगरी अयोध्या में शारदीय नवरात्र के पहले दिन राम जन्मभूमि परिसर भक्ति और शक्ति की उपासना से सराबोर नजर आया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला और राम दरबार का पंचामृत सहित विभिन्न पवित्र द्रव्यों से अभिषेक किया गया। वहीं, परिसर स्थित माता दुर्गा के मंदिर में कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। देवी को कुमकुम अर्पित कर सहस्त्रार्चन किया गया।
राम मंदिर के परकोटे में स्थित दुर्गा मंदिर में नवरात्र पर कलश स्थापना के साथ विशेष पूजन शुरू हुआ है। पूरे नौ दिन परिसर में राम भक्ति के साथ शक्ति आराधना की परंपरा भी विशेष रूप से दिखाई देगी। नवरात्र के पहले दिन निर्धारित विधि-विधान के अनुसार रामलला और राम दरबार का अभिषेक किया गया।
पारंपरिक पूजा पद्धति के बीच श्रद्धालुओं ने आराध्य के दर्शन किए
दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक के बाद नारियल के जल से स्नान कराया गया। पंचामृत और सरयू जल से अभिषेक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भगवान का मनोहारी शृंगार किया गया। इस अवसर पर रामलला को रत्न जड़ित लाल वस्त्र धारण कराए गए। मंदिर में मंत्रोच्चार और पारंपरिक पूजा पद्धति के बीच श्रद्धालुओं ने आराध्य के दर्शन किए।
रामलला, राम दरबार और माता भगवती और माता अन्नपूर्णा के मंदिर में नौ दिवसीय अनुष्ठान संपन्न कराने के लिए 11 वैदिक आचार्यों को लगाया गया है। पूजा-पाठ की अलग-अलग जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। वाल्मीकि रामायण का पारायण, रामचरित मानस का पारायण, रामरक्षा स्त्राेत, श्रीराम सहस्त्रनाम के पाठ सहित देवी के मंत्रों से यज्ञकुंड में आहुति अर्पित की जा रही है।
नौ दिन तक देवी को अर्पित होंगे लाल फूल
राम जन्मभूमि परिसर स्थित माता दुर्गा के मंदिर में नवरात्र के पहले दिन विशेष पूजा-अर्चना की गई। देवी का महाभिषेक कर कुमकुम से सहस्त्रार्चन किया गया। मंदिर के पुजारी के अनुसार, पूरे नौ दिन मां दुर्गा का कुमकुम से सहस्त्रार्चन किया जाएगा। देवी को प्रतिदिन अड़हुल के लाल पुष्पों की विशेष माला अर्पित करने की भी तैयारी है। नवरात्र के दौरान देवी सप्तशती के पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से शक्ति की आराधना की जाएगी।