अयोध्या। निरस्त फर्मों के कागज लगाकर बड़े पैमाने पर पान-मसाला की आपूर्ति की जा रही थी। बाराबंकी और अयोध्या के सचल दल ने इस मामले का भंडाफोड़ किया है। छानबीन के बाद व्यापक स्तर पर कर चोरी मिलने पर वाहन चालक, स्वामी और दिल्ली के ट्रांसपोर्टर के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
स्टेट जीएसटी के सहायक आयुक्त सचल दल राम अचल यादव ने दर्ज एफआईआर में बताया कि 26 सितंबर को गोपनीय सूचना के आधार पर बाराबंकी इकाई ने रुदौली के पास एक वाहन रोकवाया। अयोध्या इकाई की टीम बुलाकर वाहन की जांच की गई। वाहन में पान-मसाला लदे होने पर उसे सिविल लाइन स्थित स्टेट जीएसटी कार्यालय लाया गया।
लखनऊ के कपेरा, मदारपुर निवासी वाहन चालक वीरेंद्र ने यह माल लखनऊ के नादरगंज से लोड करने की जानकारी दी। लदे माल से संबंधित 12 बिल और दिल्ली के एक ट्रांसपोर्ट की 12 बिल्टी उपलब्ध कराई। कागज के अनुसार यह माल दिल्ली से लादकर बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक में आपूर्ति किया जाना था। जबकि, वाहन चालक ने इसे लखनऊ से लादने का बयान दिया। लदे माल पर निर्माता स्थल लखनऊ ही दर्ज मिला।
बिल में माल का प्रकार पान मसाला द्वितीय क्वालिटी दर्ज थी, जबकि वास्तव में यह प्रथम क्वालिटी का पाया गया। इन बिलों में सेस की गणना नहीं की गई। घोषित माल के अलावा 18 झाल अतिरिक्त सामान लदा था, जिसके संबंध में प्रपत्र नहीं मिले। कागजों की छानबीन की गई तो पता चला कि क्रेता और विक्रेता फर्म काफी पहले से निरस्त हो चुकी हैं।
इस तरह वाहन स्वामी, चालक और ट्रांसपोर्टर ने साठगांठ करके कर चोरी की है। इंस्पेक्टर अश्विनी पांडेय ने बताया कि सहायक आयुक्त की तहरीर पर केस दर्ज करके मामले की जांच कराई जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।