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पाकिस्तान: पांच अगस्त को भारत विरोधी अभियान की कमान सेना को, भारत के खिलाफ सक्रिय किया गया पूरा सरकारी तंत्र

सार

अमर उजाला के पास मौजूद पाकिस्तान सरकार के एक गोपनीय दस्तावेज से खुलासा हुआ है कि 'यौमे इस्तेहसाल' के नाम पर चलाए जाने वाले इस अभियान की कमान सीधे रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय को सौपने का पूरा ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है।
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2 जुलाई को इस्लामाबाद में कश्मीर मामलों, गिलगित-बाल्टिस्तान मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ से पहले पाकिस्तान ने 5 अगस्त को भारत विरोधी अभियान को इस बार पहले से कहीं अधिक संगठित और बड़ी साजिश का रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। 

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अमर उजाला के पास मौजूद पाकिस्तान सरकार के एक गोपनीय दस्तावेज से खुलासा हुआ है कि 'यौमे इस्तेहसाल' के नाम पर चलाए जाने वाले इस अभियान की कमान सीधे रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय को सौपने का पूरा ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है।

सेना मुख्यालय के भीतर विशेष कमांड रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां से पूरे अभियान की निगरानी और समन्वय किया जाएगा। 2 जुलाई को इस्लामाबाद में कश्मीर मामलों, गिलगित-बाल्टिस्तान मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें पाकिस्तान सरकार के 70 से अधिक मंत्रालयों, रक्षा प्रतिष्ठानों, सैन्य संस्थानों, विमानन एजेंसियों और सुरक्षा संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
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बैठक में मौजूद सैन्य अधिकारियों ने इस पूरे अभियान को उच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी विभागों को तय समय सीमा में अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के निर्देश दिए। इस बार 5 अगस्त को केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि विभिन्न सरकारी मंत्रालयों, रक्षा प्रतिष्ठानों और सुरक्षा एजेंसियों के जरिए एक समन्वित भारत विरोधी अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। 

सेना, आईएसआई और रणनीतिक संस्थानों के शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पाकिस्तान की सैन्य और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। इनमें रावलपिंडी स्थित मिलिट्री लैंड्स एंड कैंटोनमेंट्स के अतिरिक्त महानिदेशक, पाकिस्तान आर्म्ड सर्विसेज बोर्ड एवं सचिवालय के महानिदेशक, रक्षा मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर, जीएचक्यू रावलपिंडी से डायरेक्टर जनरल मिलिट्री अकाउंट्स, डिफेंस डिवीजन के निदेशक, एयरपोर्ट सिक्योरिटी फोर्स के महानिदेशक, पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पाकिस्तान मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसी के उप महानिदेशक तथा आईएसआई से जुड़े अधिकारी भी शामिल थे। 

5 अगस्त 2019 को खत्म हुआ था जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा 
5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए के अधिकांश प्रावधान समाप्त करते हुए जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किया था। इसी दिन जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पुनर्गठित किया गया। पाकिस्तान इस फैसले का लगातार विरोध करता रहा है और हर वर्ष 5 अगस्त को 'यौमे इस्तेहसाल' के रूप में मनाकर भारत विरोधी अभियान चलाता है। वहीं भारत का स्पष्ट रुख है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न एवं अविभाज्य अंग हैं। 

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