अयोध्या। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत मंगलवार से जिले में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) शुरू हो गई। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस को वीडियोग्राफी के बीच खोला गया। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद वेयरहाउस बंद किया गया। इस दौरान मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जिला निर्वाचन अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्येक चुनाव से पहले ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच एवं परीक्षण कराया जाता है। संबंधित निर्माता कंपनियों के अधिकृत इंजीनियर जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में यह प्रक्रिया पूरी करते हैं। जांच में निर्धारित मानकों पर खरी उतरने वाली मशीनों का ही चुनाव में इस्तेमाल किया जाएगा।
29 सितंबर से कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वीवीपैट वेयरहाउस में एफएलसी शुरू की गई है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के अधिकृत इंजीनियरों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। एफएलसी पूरी होने तक प्रक्रिया जारी रहेगी।
दलों को पहले ही दी गई थी सूचना
निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक एफएलसी भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कराई जा रही है। राजनीतिक दलों को 21 सितंबर को लिखित सूचना देकर प्रक्रिया के अवलोकन के लिए प्रतिनिधि अधिकृत करने का अनुरोध किया गया था। 29 सितंबर को वेयरहाउस खोलने और बंद करने के दौरान उप जिलाधिकारी निर्वाचन अधिकारी बिशु राजा के अलावा सपा के अंसार अहमद, बसपा के मुस्तफा अली, सीपीआई (एम) के विनोद सिंह, कांग्रेस के उमेश उपाध्याय और अपना दल (एस) के राम प्रसाद वर्मा मौजूद रहे।