सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा।
अयोध्या। राममंदिर निर्माण समिति की बैठक मंगलवार को समाप्त हुई। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि उम्मीद है कि दिसंबर से कुबेर टीला पर आम श्रद्धालु भी जा सकेंगे। इसके लिए रोजाना एक हजार लोगों को पास जारी किया जाएगा। कुबेर टीला तक जाने के लिए सड़क भी बन रही है। एक कॉरिडोर के माध्यम से कुबेर टीला, सप्त मंडपम को राममंदिर से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सबसे बड़ी चुनौती परकोटा के निर्माण कार्य को लेकर है। जितने श्रमिकों की आवश्यकता है, उनकी आपूर्ति कार्यदायी संस्था नहीं कर पा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही मजदूर बढ़ा दिए जाएंगे।
परकोटा का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। फिर भी उम्मीद है कि राम जन्मभूमि परिसर के अधिकांश काम जुलाई 2025 तक पूरे हो जाएंगे। बैठक में यह भी तय हुआ है कि जो योजनाएं पूरी हो रही हैं, उसको श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को हैंडओवर कर दिया जाए। सुग्रीव किला से राम मंदिर तक जाने वाली सड़क बनकर तैयार हो गई है। इस पर कैनोपी और चार गेट बन गए हैं। यह सड़क अगस्त में ट्रस्ट को हैंडओवर कर दी जाएगी। पीएफसी, बिजली के सब स्टेशन व सीवेज प्लांट भी अगस्त के अंत तक ट्रस्ट को हस्तांतरित कर दिए जाएंगे।
ऑडिटोरियम निर्माण के लिए जल्द होगा भूमिपूजन
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि ऑडिटोरियम, ट्रस्ट कार्यालय व साधु-संतों के लिए विश्राम गृह के निर्माण का कार्य जल्द शुरू होगा। भूमि कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को दी जा चुकी है। भूमि पर उन्होंने अपना कार्यालय भी खोल दिया है। इन सब पर करीब 80 करोड़ का खर्च आएगा। ट्रस्ट के महासचिव से जल्द ही निर्माण शुरू करने के लिए भूमिपूजन कराने को कहा गया है।
जल्द शुरू होगी डिजिटल रामायण गैलरी
अयोध्या। राममंदिर निर्माण समिति की तीसरे दिन की बैठक रामकथा संग्रहालय में हुई। बैठक से पहले संग्रहालय के सुंदरीकरण कार्य का निरीक्षण किया गया। राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम के इंजीनियरों के साथ बैठक की। बैठक के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि रामकथा संग्रहालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। इसके सुंदरीकरण का काम पूरा होने में डेढ़ से दो साल लगेंगे। यहां स्थापित डिजिटल रामायण गैलरी का संचालन भी जल्द शुरू किये जाने की तैयारी है।