अयोध्या। एक डायग्नोस्टिक सेंटर की सीटी स्कैन रिपोर्ट में बहुत छोटी पथरी की जानकारी देकर गुर्दे सामान्य बताए गए। जबकि, दूसरी जगह की रिपोर्ट में मूत्र वाहिनी व गुर्दों में बड़े आकार की पथरियों की भरमार मिली। तेज दर्द होने पर मरीज को ऑपरेशन कराना पड़ा। मरीज ने डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ गलत और लापरवाहीपूर्ण जांच करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की है।
शहर के एक इलाके के निवासी मो. कादिर ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने आठ जुलाई को रिकाबगंज स्थित एक प्रतिष्ठित डायग्नोस्टिक सेंटर से सीटी स्कैन कराया था। इसमें दोनों गुर्दों में छोटे आकार की पथरी बताई गई। मूत्र वाहिनी में पथरी का कोई जिक्र नहीं था। बताया गया कि दोनों गुर्दे सामान्य है, कोई फैलाव नहीं देखा गया है।
आराम न मिलने पर उन्होंने 10 अगस्त को फतेहगंज रोड पर वजीरगंज के पास स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर से जांच कराई। इस रिपोर्ट में दोनों गुर्दे और मूत्र वाहिनी में कई पथरी निकली। दाएं मूत्र वाहिनी में नौ मिमी. और बाएं में 8.9 मिमी., बाएं गुर्दे में 6.2 मिमी. की पथरी बताई गई। एक अन्य नर्सिंग होम में हुई जांच में इसी तरह बड़े आकार की पथरियां निकलीं। समय पर सही जानकारी न होने से उनकी हालत गंभीर होती गई और 11 अगस्त को उन्हें इमरजेंसी में ऑपरेशन कराना पड़ा।
उन्होंने 23 अगस्त को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी ने सीएमओ को मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही का निर्देश दिया है। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि जिला क्षय रोग अधिकारी को जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट मिलने पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।