27- रंग पंचमी पर भगवान को अबीर-गुलाल व फूल अर्पित करते महंत रामनरेश शरण व अन्य- संवाद
अयोध्या। फाल्गुन शुक्ल पंचमी अर्थात रंग पंचमी पर कनक भवन प्रांगण स्थित मंदिर श्रीलालसाहब दरबार में फूलों और अबीर-गुलाल की होली खेली गई। दरबार के वर्तमान महंत रामनरेश शरण के संयोजन में संतों ने आराध्य संग होली खेली। महोत्सव में तपोवन मंदिर रांची झारखंड के महंत ओम प्रकाश शरण का भी सानिध्य रहा। महंत रामनरेश शरण ने मंदिर में विराजमान भगवान के विग्रह को अबीर-गुलाल व पुष्प अर्पित कर जैसे ही महाआरती उतारी संत व भक्त एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर नृत्य करने लगे। इस अवसर पर अयोध्यानगरी के नामचीन संगीतज्ञों ने होलीकोत्सव से संबंधित गीत गाकर उत्सव में चार-चांद लगा दिया। महंत रामनरेश शरण महाराज ने बताया कि संतों का हर उत्सव अपने आराध्य के साथ होता है। इसलिए हम अपने उत्सव की शुरुआत आराध्य के चरणों में श्रद्धा निवेदित कर करते हैं। मंदिर में रंग पंचमी पर होली उत्सव की परंपरा है। सदियों की इसी परंपरा का निर्वहन पूरे भव्यता से किया जाए। शास्त्रों के अनुसार रंग पंचमी को बुरी शक्तियों पर जीत पाने का पर्व कहा जाता है।