अयोध्या। जिले के 405 मजरों में हो रहे विद्युतीकरण की धीमी प्रगति पर अधीक्षण अभियंता ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कार्यदायी संस्था पायनियर पॉवर इंजीनियर्स लिमिटेड को नोटिस भेजकर मैन पॉवर बढ़ाने व कार्य तेजी से खत्म कराए जाने का निर्देश दिया है।
जिले में लंबे समय से विद्युतीकरण से वंचित रहे 405 मजरों के 3,858 घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए वर्ष 2024 में कार्ययोजना बनी थी। इसके लिए सौभाग्य योजना के तहत 16.67 करोड़ रुपये से इन घरों तक बिजली पहुंचाना था। कार्यदायी संस्था को बीते वर्ष जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पांच संयोजन से ऊपर के 25 मजरों को प्राथमिकता पर चिह्नित किया गया था। इनमें अब तक 21 मजरों में ही कार्य शुरू किया गया है, जो कि कुल विद्युतीकरण विहीन मजरों के सापेक्ष महज 4% ही है।
अब तक 122 संयोजन के लिए कराए गए आवेदन
-कार्य की धीमी प्रगति पर अधीक्षण अभियंता विनय कुमार ने कार्यदायी संस्था को छह बार नोटिस दिया है। हर बार संस्था को मैन पॉवर बढ़ाकर तेजी से कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। इसके बावजूद कार्य की रफ्तार नहीं बढ़ सकी है। अब तक 21 मजरों में 122 संयोजन के लिए आवेदन कराए गए हैं। इसमें से भी महज 28 संयोजन निर्गत किए जा सके हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने बुधवार को भी नोटिस भेजा है। बताया कि भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की नियमित तौर पर समीक्षा की जा रही है। कार्यदायी संस्था को युद्धस्तर पर कार्य करके सभी कार्यों को अतिशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्य शीघ्र पूरा नहीं होने पर कार्यदायी संस्था केे विरुद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इन ब्लॉक क्षेत्रों में होना है विद्युतीकरण
ब्लॉक मजरों की संख्या
तारुन 90
बीकापुर 68
हैरिंग्टनगंज 64
अमानीगंज 34
मसौधा 17
मवई 37
मया बाजार 17
मिल्कीपुर 17
पूराबाजार 26
रुदौली 15
सोहावल 20
कुल 405