सुरक्षा कर्मियों को आठ घंटे तक अपने निर्धारित प्वाइंट पर पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहना होगा। साथ ही ड्यूटी पर आने और जाने की फेस रीडिंग से हाजिरी दर्ज हो रही है। इससे यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कर्मचारी निर्धारित समय पर ड्यूटी पर पहुंचा और पूरी शिफ्ट तक तैनात रहा। यही नहीं सीईओ ने राममंदिर में तैनात कर्मियों की स्क्रीनिंग भी शुरू कराई है। कर्मचारियों का सत्यापन और पुलिस वेरीफिकेशन भी कराया जा रहा है।
नई व्यवस्था का मकसद ड्यूटी के दौरान ध्यान भटकने की आशंका को खत्म करना है। सुरक्षाकर्मी मोबाइल में व्यस्त रहते थे, श्रद्धालुओं की मदद भी नहीं करते थे, खराब व्यवहार की भी शिकायत मिली थी, निगरानी में भी ढिलाई बरती जा रही थी। सुरक्षा प्वाइंट पर तैनात कर्मियों को लगातार अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखनी होती है। ऐसे में मोबाइल का इस्तेमाल सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकता है। शिकायत के बाद यह नई व्यवस्था लागू की गई है।