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Ayodhya News: अस्थायी राममंदिर की तैयार हो रही नई ड्राइंग और डिजाइन

Sat, 05 Oct 2024 02:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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राम मंदिर परिसर में बैठक करते मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र  व अन्य। -ट्रस्ट
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अस्थायी राममंदिर की तैयार हो रही नई ड्राइंग और डिजाइन
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राममंदिर के शिखर निर्माण में सभी एजेंसियां साथ मिलकर करेंगी काम, निर्माण समिति की बैठक में हुआ निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या। राममंदिर निर्माण समिति की बैठक दूसरे दिन भी जारी रही। बैठक में तय हुआ है कि टेंट से निकालकर रामलला को जिस अस्थायी मंदिर में विराजमान किया था उसे भी भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा। अस्थायी मंदिर में भी श्रद्धालु दर्शन के लिए जा सकेंगे। नए सिरे से इसको भव्यता प्रदान करने के लिए डिजाइन व ड्राइंग बनाई जा रही है।
इससे पहले मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने दूसरे दिन भी निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में जो काम पूरे होते जा रहे हैं जैसे वाटर प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लॉट, पॉवर प्लांट आदि को ट्रस्ट को एक-एक कर हैंडओवर कर दिया जाए, ताकि उनका रखरखाव ट्रस्ट की ओर से करना शुरू किया जा सके। कहा कि शिखर निर्माण हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसलिए मंदिर निर्माण में लगी सभी कार्यदायी संस्थाएं टाटा, एलएंडटी, सीअीआरआई रुड़की, सीअीआरआई हैदराबाद, आईआईटी चेन्नई व अन्य मिलकर काम करेंगी। हर एक लेयर का काम पूरा होने के बाद उसकी टेस्टिंग की जाएगी।
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बताया कि यदि कोई विपरीत परिस्थिति नहीं आई तो जुलाई 2025 तक मंदिर निर्माण पूरा होकर 90 फीसदी एजेंसियां वापस हो जाएंगी। वहीं परकोटा में स्थापित होने वाले शिवमंदिर के लिए नर्मदेश्वर शिवलिंग का चयन भी हो गया है। इसके लिए पांच शिवलिंग बनकर आए थे। बैठक में पत्थराें की आपूर्ति, मजूदरों की संख्या बढ़ाने आदि को लेकर मंथन किया गया। तीसरे दिन की बैठक शनिवार को रामकथा संग्रहालय में होगी। बैठक में राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र, निर्माण प्रभारी गोपाल राव, आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा समेत कार्यदायी संस्था के इंजीनियर मौजूद रहे।
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अस्थायी मंदिर में भी दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु
अस्थायी मंदिर में रामलला करीब चार साल रहे। अस्थायी मंदिर वैसे तो फाइबर व लकड़ी का बना है लेकिन सागौन की लकड़ी से बने इस मंदिर की आयु भी करीब 150 साल है। अब इस मंदिर को भव्यता देने का विचार हुआ है। यहां हनुमंतलला की मूर्ति विराजमान है। जहां प्रतिदिन पुजारी पूजा-अर्चना करते हैं। बताया कि इस मंदिर में भी श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर सकें ऐसी योजना बनाई जा रही है। इसकी नई ड्राइंग व डिजाइन पर मंथन चल रहा है। परिसर में बन रहे अन्य मंदिरों की तर्ज पर यहां भी पत्थरों का मंदिर बनाने की तैयारी है।
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