तारुन। अपराध छिपाने से बढ़ता है। डरें नहीं, निडर होकर उसका मुकाबला करें। नारी सर्व शक्तिमान है। साइबर क्राइम से बचने के लिए हमेशा जागरूक रहें, फोन पर कभी भी किसी अनजान को ओटीपी न बताएं। अपने मोबाइल के इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड मजबूत रखें।
यह बातें सोमवार को हुसैनपुर, चंद्रिकागंज के लिटिल फ्लावर्स शिक्षण संस्थान में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में बीकापुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी पीयूष पाल ने कहीं। उन्होंने कहा कि कोई घटना होने पर तुरंत डायल 112 पर सूचना दें। शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा। माता-पिता व गुरु का सम्मान करना सीखें। उनके बताए मार्ग का अनुसरण करें तो निश्चित ही सफलता कदमों में होगी। संस्कार और शिक्षा अच्छे नागरिक की पहचान होती है।
उन्होंने, 1090, 1076 व 112 सेवाओं की जानकारी दी। साइबर अपराध की सूचना 1930 पर दें। कार्यक्रम में थानाध्यक्ष लल्लन यादव, उप निरीक्षक ज्योति यादव, प्रबंधक अंबिका प्रसाद पांडेय, प्रधानाचार्य सत्य प्रकाश पांडेय, शिक्षक महेंद्र कुमार यादव, पीके गिरी व राम बहादुर ने नारी सुरक्षा की शपथ ली।
छात्रा सारिका ने पूछा कि लड़का और लड़की में भेदभाव क्यों किया जाता है, सत्या जायसवाल ने साइबर अपराध के बारे में पूछा। साध्वी ने आईएएस की तैयारी के बारे में जिज्ञासा जाहर की। मिराणिनी मिश्रा ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के बारे में जानना चाहा। नेहा गुप्ता ने कहा कि लोग बेटियों को बोझ क्यों समझते हैं, सीओ ने जवाब में कहा कि बेटा-बेटी में अब कोई अंतर नहीं है। हर क्षेत्र में बेटियां आगे हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति फोन पर ओटीपी मांगे तो न साझा करें। आईएएस की तैयारी के लिए स्नातक होना चाहिए। इसके बाद प्री, मेंस व इंटरव्यू होगा। उन्होंने कहा कि बेटियां सृष्टि की सृजनहार होती हैं, बोझ नहीं।