अयोध्या। आतिशबाजी के दौरान लापरवाही इस बार भी लोगों को भारी पड़ी। जिला अस्पताल में सिर्फ दो दिन में ही लगभग 53 लोग पटाखों से झुलसकर अस्पताल पहुंचे। इनमें तीन लोगों को भर्ती करके इलाज किया गया।
आतिशबाजी के दौरान सतर्कता बरतने के लिए विशेषज्ञों ने लोगों को सचेत किया था। इसके बावजूद लोगों ने लापरवाही की। तेज आवाज के पटाखों की चपेट में आकर लगभग 53 लोग झुलसकर अस्पताल पहुंचे। फार्मासिस्ट विजय वर्मा ने बताया कि इनमें 30 लोगों के हाथ झुलसे थे और लगभग 20 लोगों के आंख व शरीर के अन्य हिस्से झुलस गए हैं। इसके अलावा हैदरगंज के वैशूपाली निवासी गोलू (22), शहर के मुमताजनगर निवासी विमल का 12 साल का बेटा अभिमन्यु और अंबेडकर नगर के इब्राहिमपुर क्षेत्र के खैरा निवासी श्रव्या सिंह (13) को भर्ती किया गया है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि लगभग 50 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
हाथ में दगा गोला, उंगलियां क्षतिग्रस्त
रुदौली के पसैया गांव में हाथ में पटाखा फट जाने से किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। इससे दिवाली की खुशियां मातम में बदल गईं। गांव निवासी अजय धीमान का बेटा नीरज धीमान सोमवार को अन्य बच्चों के साथ मिलकर पटाखा दगा रहा था। इस बीच उसने एक गोला दगाने की कोशिश की, जो कि उसके हाथ में ही दग गया। इससे उसकी पांचों उंगलियां क्षतिग्रस्त हो गईं। उसे आनन-फानन सीएचसी ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।