10-सिविल लाइन स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में मौजूद पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय व
अयोध्या। पिछले कई महीनों से चल रही एसआईआर प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग और जिले के अधिकारी व कर्मचारी ईमानदारी से काम नहीं कर रहे हैं। वह लोग भाजपा के इशारे पर सपा के मूल मतदाताओं के वोट काटने की साजिश रच रहे हैं। यह आरोप रविवार को सिविल लाइन स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी भाजपा के सदस्य के रूप में काम कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग का नाम भाजपा निर्वाचन आयोग रख देना चाहिए। पूर्व में कमियां मिलने पर आई नोटिस का जवाब देने के बावजूद मतदाताओं को दोबारा नोटिस देकर परेशान किया जा रहा है। सिर्फ अयोध्या विधानसभा क्षेत्र में 95 हजार मतदाताओं को नोटिस भेजा गया है। इनमें लगभग 77 हजार मतदाता महानगर क्षेत्र के हैं।
पूर्व के नोटिस का जवाब देने के बावजूद अधिकारी व कर्मचारियों ने उसे फीड नहीं किया और दोबारा नोटिस भेज दिया है। एसआईआर प्रक्रिया में भाजपा को अपनी हार का अंदाजा हो गया था। इसलिए साजिश के तहत अब सपा के मूल मतदाताओं यादव, मुस्लिम का वोट काटने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि भाग संख्या 145 में 376 लोगों को नोटिस दिया गया है। इनमें 251 मतदाता मुस्लिम हैं।
इसी तरह भाग संख्या 272 में 555 लोगों को नोटिस दिया गया, जिनमें 330 यादव हैं। भाग संख्या 143 में आए 459 नोटिस में 308 मुस्लिम, भाग संख्या 30 के 233 में 188 मुस्लिम, भाग संख्या 32 के 197 में 188 मुस्लिम, भाग संख्या 107 के 464 में से 260 मुस्लिम, भाग संख्या 106 के 295 में से 232 मुस्लिम मतदाताओं को नोटिस दिया गया है।
कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडा अपना रही है। इसके खिलाफ सपा हर लड़ाई मजबूती से लड़ेगी। जरूरत पड़ी तो वोट काटने की दूषित मंशा रखने वाले इन अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। इस मौके पर निवर्तमान महानगर अध्यक्ष श्यामकृष्ण श्रीवास्तव, महासचिव हामिद जाफर मीसम आदि मौजूद रहे।