अवध विश्वविद्यालय और ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी के बीच शैक्षणिक व अनुसंधान सहयोग के
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी के बीच रविवार को शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। कुलपति प्रो. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में हुए इस समझौते का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शोध, प्रशिक्षण और अकादमिक गतिविधियों में बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रतिनिधि प्रो. अनूप कुमार ने बताया कि एमओयू के तहत दोनों संस्थान कौशल आधारित प्रशिक्षण, अनुसंधान, विशेषज्ञ व्याख्यान, शैक्षणिक भ्रमण तथा अन्य अकादमिक गतिविधियों में सहयोग करेंगे। साथ ही इतिहास, संस्कृति एवं संबंधित विषयों पर संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि दोनों संस्थान विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेंगे और परस्पर हितों से जुड़े विषयों पर संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं संचालित करेंगे। आवश्यकता के अनुसार संयुक्त पाठ्यक्रम और सहयोगात्मक शिक्षण कार्यक्रम भी विकसित किए जा सकेंगे।
प्रो. अनूप कुमार ने कहा कि इस समझौते से दोनों संस्थानों की बौद्धिक क्षमता और शैक्षणिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग संभव होगा। इससे इतिहास और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े शोध कार्यों को नई गति मिलेगी।
ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपरा से जुड़े विभिन्न विषयों पर शोध, प्रकाशन, संगोष्ठी एवं अकादमिक गतिविधियों का संचालन करता है। संस्थान शोधार्थियों को पुस्तकालय, शोध सुविधाएं, छात्रावास और अतिथि गृह जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराता है।