अयोध्या। मेडिकल कॉलेज के नवागत प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मर्तौलिया ने संकाय सदस्य व कर्मचारियों के मोबाइल पर प्रतिबंध लगाया है। अब वह लोग प्राचार्य कक्ष में मोबाइल का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। फोन की घंटी बजने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मेडिकल कॉलेज में गुटबाजी रोकने, कार्यालय से जुड़ी जानकारियां बाहर वायरल होने से रोकने आदि की मंशा से प्राचार्य ने सख्त कदम उठाया है। मंगलवार को उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को लिखे कार्यालय आदेश में बताया कि उनके कक्ष में कोई भी संकाय सदस्य, जूनियर रेजीडेंट, सीनियर रेजीडेंट, कार्यालय लिपिक व अन्य कर्मचारी मोबाइल का प्रयोग नहीं करेंगे। किसी के फोन की घंटी बजने पर उसकी खैर नहीं होगी।
प्राचार्य ने बताया कि यह प्रतिबंध प्रशासन से जुड़े लोगों, जन प्रतिनिधियों और मान्यता प्राप्त पत्रकारों पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा किसी को भी मोबाइल प्रयोग की अनुमति नहीं होगी। इसका सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। वहीं, इस आदेश के बाद से संकाय सदस्यों में तरह-तरह की चर्चायें शुरू हैं।
हटाए गए चिकित्सा अधीक्षक
अयोध्या। प्राचार्य ने लगभग साल भर से चिकित्सा अधीक्षक रहे डॉ. देवाजीत शर्मा को हटा दिया है। 24 जनवरी को जारी पत्र में उन्होंने बताया कि चिकित्सालय परिसर की व्यवस्था अत्यंत खेदजनक है। आए दिन पत्रकारों से भी शिकायत मिल रही है। इसलिए चिकित्सा अधीक्षक का प्रभार वह स्वयं संपादित करेंगे और मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार चिकित्सा अधीक्षक के नोडल अधिकारी रहेंगे। वह उनके नेतृत्व में कार्य संपादित करेंगे।