अयोध्या। मेडिकल कॉलेज दर्शननगर के पर्चा काउंटर पर पंजीकरण कराने गई एमबीबीएस की छात्रा को कंटाप लगाने की धमकी पर छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने दो कर्मचारियों की पिटाई करके घंटों हंगामा किया। काफी संख्या में इकट्ठा हुए एमबीबीएस के छात्रों से सीओ की भी नोकझोंक हुई। इस दौरान दोपहर एक बजे के बाद से पंजीकरण के लिए मरीजों को दिक्कतें हुई और ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुईं। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के कारण गहमा-गहमी और अराजकता का माहौल रहा।
मेडिकल कॉलेज के पर्चा काउंटर पर सोमवार दोपहर लगभग 12:30 बजे एमबीबीएस 2020 बैच की रितु व एक अन्य छात्रा पंजीकरण कराने के लिए गई थीं। आरोप है कि इस बीच वहां मौजूद कर्मचारी ने केबिन में ताला लगा दिया। छात्रा ने विरोध किया तो कर्मचारी ने कहा ''जाओ प्रिंसिपल को बता दो, अभी एक कंटाप लगाऊंगा, तमीज आ जाएगी''। इसके बाद छात्रा आक्रोशित हो गई। सूचना अन्य छात्रों को मिली तो काफी संख्या में अलग-अलग बैचों के छात्र पंजीकरण कक्ष के बाहर जमा हो गए।
स्वयं को घिरता देख कर्मचारियों ने अंदर से ताला बंद कर लिया, लेकिन छात्र आरोपी कर्मचारी की पिटाई पर अड़े रहे। कई बार छात्रों ने केेबिन का दरवाजा पीटा। इस बीच पंजीकरण बाधित हुआ तो मरीजों ने भी हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने बीच बचाव कराना चाहा तो उनसे भी छात्रों की नोकझोंक हुई। इमरजेंसी ट्राॅमा इंचार्ज डॉ. विनाेद आर्या ने भी समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने एक न सुनी और कर्मचारी को बाहर निकालने की जिद पर अड़े रहे।
इस बीच सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी, कोतवाल अयोध्या मनोज शर्मा भी पहुंचे और पूछताछ कर ही रहे थे कि दो कर्मचारी अभिषेक मिश्रा और अशोक कुमार सिंह छात्रों के हत्थे चढ़ गए, जिनकी उन्होंने जमकर पिटाई की। सूत्रों के अनुसार सीओ भी छात्रों के कोप का भाजन बनते-बनते बचे और उनसे भी नोकझोंक हुई। पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो छात्र शांत हुए।
लगभग 500 मरीजों को हुई परेशानी
-दोपहर 12:30 बजे के बाद से ही ओपीडी एरिया में बवाल होने से पंजीकरण के लिए मरीजों को काफी परेशानी झेलना पड़ा। बड़ी जद्दोजहद के बाद पर्चा कटा, तब तक डॉक्टरों के उठने का समय हो गया था। इस वजह से लगभग 500 मरीज बिना इलाज कराए ही वापस लौटने को विवश हुए।
एक घंटे तक नहीं पहुंचे जिम्मेदार अफसर
-दोपहर 12:30 बजे से ही ओपीडी में बवाल शुरू हो गया था, लेकिन प्राचार्य, उप प्राचार्य, सीएमएस, अधीक्षक समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारी लगभग एक घंटे तक नजर नहीं आए। शायद इसी वजह से छात्र और आंदोलित होते गए।
पांच दिन पहले भी कर्मचारी ने बंद कर दिया था ताला
-छात्रा रितु ने बताया कि पांच दिन पहले भी उनके साथ कर्मचारी ने ऐसा ही बर्ताव किया था। वह पर्चा कटवाने अंदर गई तो बाहर से ताला बंद कर दिया और सवाल करने पर इसी तरह अभद्रता की थी।
प्राचार्य कक्ष में छात्र-छात्राओं का दर्ज हुआ बयान
प्राचार्य के कक्ष में सीओ आशुतोष तिवारी, प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह की मौजूदगी में छात्र-छात्राओं से पूछताछ करके उनके बयान भी दर्ज किए गए। कोतवाल मनोज शर्मा ने बताया कि छात्रा ने तहरीर दी है। मामले की जांच की जा रही है।
काफी देर तक कर्मचारियों का सुरक्षा कवच बने रहे डॉ. विनोद
आक्रोशित छात्र कर्मचारी की पिटाई के लिए बार-बार पंजीकरण कक्ष की ओर दौड़ रहे थे लेकिन काफी देर तक इमरजेंसी ट्राॅमा इंचार्ज डॉ. विनोद आर्या कर्मचारियों का सुरक्षा कवच बनकर दरवाजे पर खड़े रहे। उन्हें देख छात्रों के पैर रुक जाते। लेकिन वह भी बहुत देर तक कर्मचारियों को नहीं बचा सके।