19- रामलला के दर्शन कर सुग्रीव पथ से बाहर निकलते श्रद्धालु- संवाद
अयोध्या। आस्था और मौन साधना के महापर्व मौनी अमावस्या पर आज श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने की संभावना है। अयोध्या में लाखों श्रद्धालु स्नान-दान के लिए पहुंचेंगे। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के इंतजाम पूरे कर लिए हैं। वहीं रामनगरी में श्रद्धालुओं का रेला लगातार उमड़ रहा है। प्रयागराज के श्रद्धालुओं का पलट प्रवाह निरंतर जारी है। तीन दिनों में साढ़े चार लाख से अधिक श्रद्धालु रामलला के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं।
मौनी अमावस्या पर मौन रहकर पवित्र नदियों में स्नान-दान करने की महत्ता है। इसी मान्यता के चलते रविवार को अयोध्या में पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। वहीं अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं में रामलला के दर्शन की ललक दिख रही है। बृहस्पतिवार को 1़ 50 लाख व शुक्रवार को 1़ 75 लाख श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। वहीं शनिवार की शाम पांच बजे तक 1़ 40 लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके थे। शनिवार होने के नाते हनुमंतलला के दरबार में भी लंबी कतार लगी रही। भीड़ नियंत्रण के लिए रामपथ पर चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। वहीं राम मंदिर में सीआरपीएफ ने सुरक्षा की कमान संभाल रखी है। सीसीटीवी कैमरे से पूरे परिसर की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
निर्धारित घाटों पर ही करें स्नान
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। घाटों और प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है। यातायात के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य टीम, एंबुलेंस और आपदा प्रबंधन दल भी अलर्ट मोड पर रखे गए हैं। श्रद्धालुओं से प्रशासन ने अपील किया है कि निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें।
मौनी अमावस्या पर बन रहा दुर्लभ संयोग
पंडित कौशल्यानंदन वर्धन ने बताया कि मौनी अमावस्या पर स्नान, दान और पितरों के तर्पण का विशेष महत्व होता है। इस बार मौनी अमावस्या पर अर्धोदय योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। स्कंदपुराण के अनुसार, इस योग में स्नान, दान आदि पुण्य कार्य करने से कई गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है। यदि पवित्र नदी में स्नान के लिए नहीं जा पाएं तो घर पर भी स्नान-दान करने से गंगा स्नान का पुण्य मिल जाता है।