अयोध्या। मजदूरी करके घर लौट रही किशोरी से छेड़छाड़ का साक्ष्य अभियोजन की ओर से साबित नहीं कराया जा सका। ऐसे में अदालत ने आरोपी को सबूत के अभाव में दोषमुक्त करते हुए बाइज्जत बरी कर दिया।
यह फैसला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम निरुपमा विक्रम ने सुनाया है। पीड़िता की ओर से कोतवाली बीकापुर में प्रार्थना पत्र दिया गया कि वह बीकापुर में एक जनरल स्टोर में काम करती है। नौ अक्तूबर, 2022 को शाम छह बजे वापस अपने घर आ रही थी तो रास्ते में सरकारी ट्यूबबेल के पास कमल कुमार ने उससे छेड़खानी की। विरोध करने पर गाली दी। शोर सुनकर कई लोग आ गए तो आरोपी अपनी साइकिल छोड़कर भाग गया।
मामले में थाना तारुन क्षेत्र के जयसिंहमऊ निवासी कमल कुमार के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई। आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। अभियोजन पक्ष से पेश किए गए छह गवाह अभियोजन कथानक को साबित करने में असफल रहे। पीड़िता के बयान भी विरोधाभासी दर्ज कराए गए। पीड़िता ने घटना के समय अपनी आयु 18 साल व कोर्ट में दिए गए बयान में 17 वर्ष बताई। साथ ही यह भी कहा कि दोनों बयान सही हैं।