राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र
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राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में रविवार को कई अहम फैसले लिए गए हैं। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में एक विशेष दिव्य दर्शन गैलरी बनाने का निर्णय हुआ है। इस गैलरी में आधुनिक तकनीक से राम मंदिर परिसर में निर्मित सभी 16 मंदिरों के दर्शन एक ही स्थान पर श्रद्धालु कर सकेंगे।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि संग्रहालय में 20 गैलरी का निर्माण हो रहा है। इसमें एक गैलरी का निर्माण आईआईटी चेन्नई ने किया है। इस गैलरी में सेवन डी तकनीक से हनुमान की गाथा प्रदर्शित की जाएगी। बाकी सभी 19 गैलरियों का निर्माण आईआईटी चेन्नई की ही सहयोगी संस्था प्रवर्तक कर रही है। एक अन्य विशेष गैलरी बनाने का निर्णय हुआ है। इस गैलरी में श्रद्धालुओं को मंदिर भ्रमण जैसा आभासी अनुभव मिलेगा। इसमें श्रद्धालुओं को थ्री डी तकनीक से रामलला, राम परिवार समेत अन्य मंदिरों के दर्शन एक साथ हो पाएंगे।
उन्होंने बताया कि राम मंदिर परिसर के सभी उप मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए चार किलोमीटर लंबी हाईटेक बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। राम मंदिर ट्रस्ट का कार्यालय और अत्याधुनिक म्यूजियम अभी निर्माणाधीन है।
30 जून तक लौट जाएंगी कार्यदायी संस्थाएं
नृपेंद्र मिश्र अनुसार, राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब परिसर की सहायक एवं सुंदरीकरण परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। राम मंदिर परिसर में राम मंदिर आंदोलन के शहीदों की स्मृति में शहीद स्तंभ बनाया जा रहा है। इसके 15 जून तक तैयार होने की उम्मीद है। बताया कि 30 जून तक लार्सन एंड टुब्रो और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज अपना कार्य पूर्ण कर लौट जाएंगी। हालांकि मंदिर परिसर के रखरखाव और तकनीकी सहायता के लिए एलएनटी की एक टीम स्थायी रूप से तैनात रहेगी।
फसाड लाइटिंग के लिए उपकरण लगाने का काम शुरू
निर्माण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर परिसर को और आकर्षक बनाने के लिए जल्द ही फसाड लाइटिंग का कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे रात के समय राम मंदिर की भव्यता और अधिक निखरकर सामने आएगी। हैवल्स कंपनी के इंजीनियरों ने उपकरण बिछाने का काम भी शुरू कर दिया है। तय हुआ है कि सबसे पहले शिखर पर फसाड लाइटिंग की जाएगी। एक माह तक यानी जून के अंत तक कंपनी केवल शिखर पर फसाड लाइटिंग का काम करेगी। इसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट की सहमति मिलने पर काम आगे बढ़ाया जाएगा।