नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने व रामलला के दर्शन के लिए पहुंचने वाली श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनजर जिला प्रशासन ने शिव बरात में भीड़ कम करने के लिए मंदिर के प्रबंधकों को राजी कर लिया है। सीओ आशुतोष तिवारी के मुताबिक मंदिर के प्रबंधतंत्र से बातचीत हुई है। तय किया गया है कि शिव बरात रात को देर से उस समय निकली लाए, जब रामपथ पर भीड़ का दबाव कम रहे। साथ ही शिव बरात के लौटते समय इसके रूट को शॉर्ट किए जाने की वात तय हुई। नागेश्वरनाथ मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक सभापति तिवारी के प्रार्थना पत्र पर जारी अनुमति पत्र के मुताबिक शिव बरात नागेश्वरनाथ मंदिर से निकल कर राम की पैड़ी, गांधी आश्रम, तुलसी उद्यान होते हुए पोस्ट ऑफिस तिराहा से होते हुए हनुमानगढ़ी और क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पहुंचेगी। वापसी में हनुमानगढ़ी चौराहा, दशरथ महल, कनक भवन, वेद मंदिर से कटरा पुलिस चौकी होते हुए अशर्फी भवन, गोला बाजार चौराहा से होकर तुलसी उद्यान वापस आएगी।
रूद्राभिषेक से मिलेगी अप्रत्याशित सफलता
आचार्य शिवेंद्र बताते हैं कि इस बार महाशिवरात्रि पर कई शुभ योग बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि व त्रिग्रही योग भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करेगा। वहीं शनि प्रदोष शनिदेव की कृपा बरसाएगा। शिव पुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात में रूद्राभिषेक करने से भक्त को अप्रत्याशित सफलता और लाभ मिलता है। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वालों को गन्ने के रस, नौकरी व कार्यक्षेत्र में सफलता के लिए घी व शहद से अभिषेक करना चाहिए। दूध व गंगा जल से अभिषेक करना भी लाभकारी माना गया है। शिवलिंग पर शहद चढ़ाने से मंगल का दुष्प्रभाव समाप्त होता है।