शोभायात्रा में शामिल भगवान वेंकटेश का विग्रह व श्रद्धालु।
अयोध्या। प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या बृहस्पतिवार को सीताराम-सीताराम… पतित पावन सीताराम… के जयघोष से गुंजायमान हो उठी। विश्वशांति, जनकल्याण और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से बड़ा भक्तमाल बगिया में सात दिवसीय पुरुषोत्तम मास महोत्सव का शुभारंभ शोभायात्रा के साथ हुआ। आयोजन में देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति और आस्था की अनुपम छटा बिखेरी।
जगद्गुरु स्वामी घनश्यामाचार्य के पावन सानिध्य में आयोजित इस महोत्सव में श्रीमहालक्ष्मी महायज्ञ, श्रीमद्भागवत कथा एवं 108 मूल भागवत पाठ जैसे दिव्य अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव की शुरुआत रामपथ स्थित श्री वेंकटेश देवस्थान से निकली भव्य शोभायात्रा से हुई। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में कलश धारण किए हुए भजन-कीर्तन करती चल रही थीं, जबकि पुरुष श्रद्धालु “सीताराम” के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। कथा के मुख्य यजमान एलन मानधना परिवार, कोटा तथा करवा परिवार, करीमनगर ने श्रद्धा भाव से भागवत पुराण धारण कर आयोजन की मंगल शुरुआत की। मार्ग भर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। 225 कुंडीय श्रीमहालक्ष्मी महायज्ञ के तहत यजमानों का दशविधि स्नान एवं वैदिक रीति से पूजन कराया गया। वैदिक आचार्यों के मंत्रोच्चारण से पूरा यज्ञ मंडप आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।