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Ayodhya News: छिन न जाए राशन, चल न जाए बुलडोजर...सता रहा डर

Tue, 26 May 2026 11:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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चंद्रशेखर वार्ड में मकान गणना करते प्रगणक।
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विशाल तिवारी
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अयोध्या। जनगणना-2027 के पहले चरण में चल रही मकान गणना में प्रगणकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में हर 20 से 30 घरों में करीब पांच घर बंद मिल रहे हैं। वहीं, कई लोग सही जानकारी देने से बच रहे हैं। लोगों को राशन बंद होने, हाउस टैक्स बढ़ने और मकान पर बुलडोजर चलने का डर सता रहा है।



प्रगणक बंद मिल रहे घरों में 20 जून तक दोबारा संपर्क कर मकान गणना करेंगे। एक प्रगणक प्रतिदिन औसतन 40 से 50 घरों का सर्वे कर रहा है। जिले में कुल 4,434 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) बनाए गए हैं। इसके लिए 4,884 प्रगणक और 838 सुपरवाइजर मकान गणना कार्य में लगे हैं। तहसील सदर, मिल्कीपुर, रुदौली, सोहावल और बीकापुर के अलावा नगर निगम व नगर पंचायत क्षेत्रों में मकान गणना जारी है। सुपरवाइजर अरविंद कुमार के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों को यह डर है कि मकान का पूरा विवरण दर्ज होने के बाद टैक्स बढ़ सकता है। इसी वजह से कई लोग सवालों का जवाब नहीं देते या अधूरी जानकारी देते हैं। टीम से बार बार सवाल-जवाब करने लगते हैं। कर्मचारियों को पहले लोगों को समझाना पड़ता है। कई जगहों पर लोगों के मकान के कागज नहीं है। ऐसे में उन्हें भय है कि कहीं उनका मकान अवैध घोषित कर उस पर बुल्डोजर न चला दिया जाए।
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केस-1



मुस्लिम बहुल इलाके में जानकारी देने से हिचकिचाते लोग



शहर के चंद्रशेखर वार्ड में सर्वे के दौरान प्रगणकों को अलग तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा। मुस्लिम बहुल इलाके में कई परिवार जानकारी देने से हिचकिचाते हैं। सुपरवाइजर वरुण ने बताया कि कुछ लोगों ने आशंका जताई कि अगर घर और सुविधाओं का पूरा विवरण दर्ज हो गया तो मिलने वाला राशन बंद हो सकता है। कई परिवारों के पास वाहन, टीवी और अन्य सुविधाएं हैं, लेकिन वे सरकारी योजनाओं का लाभ भी ले रहे हैं। इसी डर से कई लोग सही जानकारी देने से बच रहे हैं।
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केस-2



दरवाजा बंद कर लेते हैं लोग



प्रगणक आनंद गुप्ता ने बताया कि कई इलाकों में लोग प्रगणक को देखकर दरवाजा बंद कर लेते हैं। कुछ लोग साफ कहते हैं कि वे कोई जानकारी नहीं देना चाहते। वहीं, कई मकान लगातार बंद मिल रहे हैं। ऐसे घरों को लॉक हाउस के रूप में दर्ज किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि कई परिवारों को यह डर भी है कि मकान का रिकॉर्ड बनने के बाद अवैध निर्माण चिह्नित कर कार्रवाई हो सकती है।
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