मिल्कीपुर। एंटी करप्शन टीम ने आवेदन पर रिपोर्ट लगाने के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एक लेखपाल को रंगे हाथ दबोचा है। यह कार्रवाई पीड़ित की शिकायत के बाद मंगलवार को मिल्कीपुर तहसील परिसर में की गई है।
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी राय साहब द्विवेदी ने बताया कि धौरहरा मुकुंदहा (बोड़ेपुर) निवासी राम उजागिर यादव ने शिकायत की थी कि उनका बेटा फौज में था। उसके देहांत के बाद उसकी पत्नी और बेटियों के बेरोजगारी प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगाने के लिए लेखपाल वेद प्रकाश वर्मा 10 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे।
उन्हें केमिकल लगे नोटों को मिलाकर 10 हजार रुपये रिश्वत देने के लिए भेजा गया था। वहीं पर सादी वर्दी में टीम के लोग भी डटे थे। लेखपाल ने उन्हें रुपये देने के लिए तहसील परिसर के लेखपाल संघ भवन के पास बुलाया था। जैसे ही लेखपाल ने उनसे रुपये लिए, उसे रंगे हाथ दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद से तहसील परिसर में हलचल मच गई। आरोपी लेखपाल को लेकर एंटी करप्शन की टीम नगर कोतवाली पहुंची, जहां आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया।
-रिश्वत लेने के आरोपी लेखपाल वेद प्रकाश वर्मा का स्थानांतरण मिल्कीपुर उपचुनाव के पूर्व रुदौली हुआ था। चुनाव खत्म होते ही लेखपाल ने मिल्कीपुर तहसील में दोबारा स्थानांतरण करा लिया। लेखपाल के पास कंदई कला सहित कोटडीह, धौरहरा मुकुंदहा, सोनहरछेदी गांव का चार्ज भी था।