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Ayodhya News: अंशु की गिरफ्तारी से फिर चर्चा में लॉरेंस कनेक्शन

Thu, 29 Oct 2026 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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अयोध्या। लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रसूखदारों पर धौंस जमाने के आरोप में अयोध्या के महाराजगंज क्षेत्र के अमौनी भोया गांव निवासी अंशु प्रजापति की गाजियाबाद पुलिस के हाथों गिरफ्तारी ने एक बार फिर अयोध्या के कथित माफिया नेटवर्क और बिश्नोई गिरोह के कनेक्शन को चर्चा में ला दिया है। इससे पहले पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के आरोपियों की अयोध्या में मौजूदगी और हिस्ट्रीशीटर विकास सिंह से उसके कथित संपर्कों को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच कर चुकी है। जांच के दौरान शूटरों को संरक्षण देने और एक बड़े नेता की हत्या की साजिश से जुड़े गंभीर आरोप भी सामने आए थे।
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विकास सिंह पर एनआईए का शिकंजा
महराजगंज के देवगढ़ निवासी हिस्ट्रीशीटर विकास सिंह को एनआईए ने 21 जून 2023 को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। उस पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के शूटरों को संरक्षण देने और आपराधिक साजिश में शामिल होने के आरोप थे।


मूसेवाला हत्याकांड के आरोपियों की अयोध्या में मौजूदगी से खुला कनेक्शन
विकास सिंह ने अपराध जगत में अपनी पकड़ बनाने के साथ स्थानीय राजनीति में भी सक्रियता बढ़ाई थी। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उसने सपा नेता (अब भाजपा) अभय सिंह का साथ दिया, लेकिन बाद में दोनों के बीच दूरियां बढ़ गईं। वर्ष 2017 के चुनाव से पहले विकास, अभय सिंह के विरोधी रहे इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी के करीब आ गया। खब्बू तिवारी के विधायक बनने के बाद विकास की राजनीतिक सक्रियता भी बढ़ी। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने खब्बू तिवारी की पत्नी को उम्मीदवार बनाया। जेल में बंद खब्बू ने चुनाव की जिम्मेदारी विकास को सौंपी। इस दौरान सपा प्रत्याशी अभय सिंह और विकास के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी।
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इसी चुनाव के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कपिल पंडित और सतीश बिश्नोई के विकास के साथ देखे जाने की बात सामने आई। मूसेवाला हत्याकांड में कपिल पंडित की गिरफ्तारी के बाद इस कड़ी की जांच तेज हुई। जांच एजेंसियों को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि दोनों शूटर अयोध्या के कुछ माफिया के संपर्क में थे और एक बड़े नेता की हत्या की साजिश रची जा रही थी। इस साजिश के लिए स्नाइपर राइफल का इंतजाम किए जाने की बात भी सामने आई। बताया गया कि यह राइफल पूराकलंदर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले बिश्नोई गिरोह से जुड़े किशोर के पास से बरामद हुई थी।
अब अंशु प्रजापति की गिरफ्तारी ने इस पूरे घटनाक्रम को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, अंशु के खिलाफ लगे आरोपों और विकास सिंह तथा बिश्नोई गिरोह से जुड़े पुराने मामलों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। अंशु भी लॉरेंस बिश्नोई की फोटो व्हाट्सएप पर लगाकर लोगों को मेसेज भेजता था। गाजियाबाद के व्यापारी की शिकायत पर गिरफ्तारी हुई है। फिलहाल, इस गिरफ्तारी ने अयोध्या में लॉरेंस बिश्नोई के नाम के कथित इस्तेमाल और उसके जरिये रसूख जमाने के सवाल को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
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