अयोध्या। 25 एकड़ के भूस्वामी, किसान और भूस्वामियों के समूह अब अयोध्या विकास प्राधिकरण के साथ मिलकर टाउनशिप विकसित कर सकेंगे। लैंड पूलिंग स्कीम के तहत इन्हें अपनी भूमि का हस्तांतरण करना होगा। इस भूमि पर प्राधिकरण की ओर से विश्वस्तरीय टाउनशिप का विकास किया जाएगा। विकसित टाउनशिप में भूस्वामी या किसान को दी गई भूमि के सापेक्ष एक चौथाई क्षेत्रफल के बराबर विकसित प्लॉट दिया जाएगा।
जो भी भूस्वामी या किसान 25 एकड़ जमीन पर टाउनशिप विकसित करना चाहते हैं, उनके साथ एडीए करार करेगा। इसके बाद टाउनशिप विकसित करने में 45 फीसदी जमीन का उपयोग होने की संभावना है। इसमें पार्क, स्कूल, पुलिस चौकी, सामुदायिक केंद्र, रोड, नाली और सीवर समेत अन्य सुविधाएं शामिल हैं। 25 फीसदी जमीन की प्लाटिंग कर बिक्री की जाएगी। जबकि बाकी 25 फीसदी विकसित प्लाट के मालिक भूस्वामी होंगे। यदि किसी एक किसान या भूस्वामी के पास 25 एकड़ भूमि नहीं है तो वह अन्य को जोड़कर समूह भी बना सकते हैं।
प्राधिकरण के सचिव सतेंद्र सिह ने अमर उजाला को बताया कि लैडं पूलिंग स्कीम के तहत किसान को प्राप्त भूखंड की कीमत अत्यधिक बढ़ जाएगी। इससे किसान को आर्थिक लाभ होगा। प्राप्त भूखंड पर किसान या भूस्वामी का पूर्णत: मालिकाना हक होगा। इस पर वह चाहे तो घर बना सकते हैं या फिर कोई व्यवसाय कर सकते हैं। वर्तमान में अयोध्या में यह प्रवृत्ति देखी जा रही है कि किसान या भूस्वामी अपनी निजी भूमि अन्य व्यक्तियों को बेच देते हैं। इससे वह भविष्य में भूमि से मिलने वाले लाभ से वंचित हो जाते हैं। यदि अपनी पूरी निजी भूमि बेच दी तो भूमिहीन भी हो जाते हैं।
रामपुर हलवारा, सरायरासी व माझा क्षेत्र के किसान तैयार
अयोध्या विकास प्राधिकरण की लैंड पूलिंग स्कीम के तहत अपनी 25 एकड़ भूमि देने के लिए रामपुर हलवारा, सरायरासी और माझा क्षेत्र के कुछ किसानों ने रूचि दिखाई है। इनकी ओर से एडीए से संपर्क किया गया है। बातचीत का दौर चल रहा है। ये किसान भविष्य के विकास में भागीदार बनना चाहते हैं।