अयोध्या। जनरल टिकट के लिए रेलवे की ओर से साल भर पहले यूटीएस एप शुरू किया गया था। टिकट काउंटरों पर लाइन लगने के बजाय मोबाइल पर पेपरलेस टिकट की ये योजना प्रचार-प्रसार की कमी के चलते लोगों के काम नहीं आ रही है। स्टेशनों पर तैनात रेलवे के जिम्मेदार भी यात्रियों को इस एप के बारे में बताने में असफल साबित हो रहे हैं। अब भी लोग टिकट के लिए काउंटरों पर खड़े होकर मारामारी करने को मजबूर हैं।
मौजूदा समय में अयोध्याधाम और कैंट रेलवे स्टेशन पर रोजाना हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से तो उत्तर रेलवे के राजस्व में वृद्धि का प्रमुख कारण ही अयोध्या बन गया। यही वजह है कि यहां के स्टेशन हर तरह की आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में यात्रियों को कई तरह की सुविधाओं का कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है।
इस तरह काम करता है यूटीएस एप
- मोबाइल में एप को इंस्टॉल कर लें।
- एप पर अपना पंजीकरण करें।
- क्यूआर बुकिंग, क्विक बुकिंग, प्लेटफार्म टिकट और नॉर्मल टिकट के चार विकल्पों में से एक चुनें।
- नॉर्मल टिकट के विकल्प को चुनते ही पेपरलेस और प्रिंट टिकट का विकल्प सामने आएगा।
- पेपरलेस में भुगतान करने के बाद टिकट मोबाइल पर ही प्रदर्शित होगा।
- प्रिंट टिकट में भुगतान के बाद स्टेशन के टिकट काउंटर से एक कॉपी लेनी पड़ेगी।
यूटीएस एप का इस्तेमाल करने के लिए यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है। स्टेशन पर रेलवे के अधिकारी लोगों के मोबाइल पर एप इंस्टॉल कर उन्हें टिकट लेने की प्रक्रिया सिखा रहे हैं। - विक्रम सिंह, एपीआरओ उत्तर रेलवे