अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली गजब है। यहां एडमिशन के दौरान सीट भरने पर तो जोर दिया जाता है लेकिन पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों की सुविधाओं पर किसी का ध्यान नहीं रहता है। वर्ष 2022 से विवि के आईईटी कैंपस में फार्मेसी विभाग के भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, जो अब तक पूरा ही नहीं हो सका है। इसके चलते विद्यार्थी अस्थायी भवन में पढ़ रहे हैं। जहां न तो लैब है, और न ही ढंग की कक्षाएं। दिन में दो शिफ्ट चलाकर विद्यार्थियों का पढ़ाया जा रहा है।
फार्मेसी के कोर्स में 50 प्रतिशत अंक थ्योरी और 50 प्रैक्टिकल के रहते हैं। यही वजह है कि लैब के उपकरण और केमिकल दुरुस्त रखने पड़ते हैं। विद्यार्थियों को प्रतिदिन न सही, सप्ताह में कम से कम तीन दिन प्रैक्टिकल करने होते हैं। लेकिन अविवि में बीफार्मा करने वालों के लिए लैब तक नहीं है। इसकी वजह से पिछले साल खरीदे गए करीब 25 लाख रुपये के लैब उपकरण खराब होने की कगार पर हैं। उचित व्यवस्था न होने के चलते उपकरण और महंगे-महंगे कैमिकल इधर-उधर पड़े रहते हैं। लैब के रूप में एक कमरा है, जिसमें तीन टेबलों को जोड़कर रख दिया है। इन पर एक बार में पांच से छह विद्यार्थी ही प्रैक्टिकल कर पाते हैं।
21 और 22 मई को बीफार्मा के विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं थीं। इस दौरान छात्रों ने बताया कि जिस कमरे को लैब बनाया गया है, वहां खड़े होने तक की जगह नहीं है। ये हाल तब है, जब अविवि के चुनिंदा प्रोफेशनल कोर्सों की सीट ही फुल हो पा रही हैं। इनमें से बीफार्मा भी है, जिसमें 60 की 60 सीटों पर एडमिशन हर साल होते हैं। करीब 77,000 रुपये फीस लेने के बाद भी व्यवस्थाओं के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है। इस संबंध में विभाग के समन्वयक डॉ. शैलेंद्र कुमार बताते हैं कि विभाग का पूर्व में बना भवन एयरपोर्ट की भूमि में चला गया था। इसके बाद नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है, कार्य चल रहा है। जल्द ही पूरा हो जाएगा, इसके बाद कोई परेशानी नहीं आएगी।