सावन झूलनोत्सव मेला का शुभारंभ
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रामनगरी अयोध्या एक बार फिर श्रद्धा और संस्कृति के उल्लास में डूबने के लिए तैयार है। सावन शुक्ल तृतीया यानी 27 जुलाई से यहां प्रसिद्ध सावन झूलनोत्सव मेला का शुभारंभ होगा, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
इस मेले की सबसे विशिष्ट परंपरा मणि पर्वत से जुड़ी है। रविवार से अयोध्या के सभी प्रमुख मठ-मंदिरों के विग्रहों की शोभायात्रा मणि पर्वत तक निकाली जाएगी। वहां पारंपरिक ढंग से उन्हें झूला झुलाया जाएगा। कहा जाता है कि माता सीता के विवाह पर राजा जनक द्वारा भेंट की गई मणियां इसी पर्वत पर रखी गई थीं तभी से यह स्थान मणि पर्वत कहलाने लगा और झूलनोत्सव का केंद्र बन गया।
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श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। 850 सीसीटीवी कैमरे 70 एकड़ में नजर रखेंगे। साथ ही 3 हजार सुरक्षाकर्मी मेले और मंदिर परिसर में तैनात रहेंगे। हाईवे पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जबकि छोटे वाहनों पर रोक नहीं होगी।
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आस्था और लोक-संस्कृति का संगम
सावन झूलनोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि अयोध्या की प्राचीन परंपरा और लोक-संस्कृति का जीवंत उत्सव भी है। भक्ति गीतों, शोभायात्राओं और झूला झुलाने की रस्म से पूरा माहौल भक्ति मय हो जाएगा। एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि सुरक्षा के सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।